नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार 8, अक्टूबर को भारत मंडपम में आयोजित 57वीं GST काउंसिल बैठक में भाग लिया। बैठक के बाद उन्होंने कहा कि इस बैठक में केंद्र और राज्यों के बीच नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा व्यापार, कर प्रणाली एवं GST सिस्टम को अधिक सरल और प्रभावी बनाने के लिए विस्तृत चर्चा हुई।
GST काउंसिल बैठक का उद्देश्य नागरिकों को सुविधा देना
रेखा गुप्ता ने कहा कि बैठक का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों और व्यापारियों के लिए कर व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सरल और सुविधाजनक बनाना है। उन्होंने केंद्र और राज्यों के बीच सहयोगात्मक संघवाद की भावना को मजबूत बताते हुए कहा कि ऐसे मंच देश की आर्थिक प्रगति को नई दिशा देते हैं। बैठक में कारोबार सुगमता GST अनुपालन को आसान बनाने, रिफंड प्रक्रिया को तेज करने और कुछ प्रावधानों को कम दंडात्मक बनाने जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। परिषद ने करदाताओं और व्यवसायों पर अनुपालन बोझ कम करने के लिए कई सुधारात्मक कदमों पर विचार किया।
सभी राज्य GST काउंसिल की बैठक में होते हैं शामिल
दरअसल, GST काउंसिल भारत की अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाली संवैधानिक संस्था है। इस संदर्भ में CM रेखा गुप्ता ने बैठक के महत्व पर ज़ोर देते हुए राज्यों की भागीदारी के स्तर को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि, यह बहुत अच्छी बात है कि सभी राज्य GST काउंसिल की बैठक के लिए एक साथ आते हैं। उन्होंने बताया कि बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि भारतीय नागरिकों को और बेहतर सुविधाएँ कैसे दी जाएँ, पूरे GST सिस्टम को कैसे आसान और यूज़र-फ्रेंडली बनाया जाए, और इसे बेहतर तरीके से कैसे लागू किया जाए।
निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक
इस बैठक का उद्देश्य कर प्रणाली को अधिक व्यवसाय-अनुकूल और नागरिक हितैषी बनाना है। यह बैठक केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
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