नई दिल्ली: राष्ट्रपति भवन में साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता और तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से ‘साइबर शिक्षित भारत’ कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और साइबर खतरों से निपटने की क्षमता को मजबूत करना है।
साइबर खतरों के खिलाफ जागरूकता कार्यशाला
इसी संदर्भ में राष्ट्रपति भवन के कर्मचारियों ने ऑनलाइन धोखाधड़ी, सोशल इंजीनियरिंग और डिजिटल हमलों सहित साइबर खतरों के खिलाफ अपनी जागरूकता और प्रतिक्रिया क्षमताओं को मजबूत करने के लिए 12 से 14 अक्टूबर तक तीन दिवसीय साइबर शिक्षित भारत कार्यशाला में भाग लिया।
कर्मचारियों को साइबर धोखाधड़ी के लिए किया प्रशिक्षित
इस कार्यशाला का आयोजन साइबर सुरक्षा कंपनी लिशियनथस टेक द्वारा दिल्ली पुलिस के सहयोग से किया गया था, जिसमें भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (सीईआरटी-इन) नॉलेज पार्टनर थी। इसमें प्रतिभागियों को सामान्य साइबर खतरों की पहचान करने के लिए प्रशिक्षित किया गया, जिसमें दुर्भावनापूर्ण लिंक, ऑनलाइन प्रतिरूपण, सोशल मीडिया अपराध, समझौता किए गए उपकरण और डिजिटल हेरफेर शामिल हैं।
ऑनलाइन ठगी और डेटा सुरक्षा जैसी चुनौतियां महत्वपूर्ण
डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच साइबर धोखाधड़ी, ऑनलाइन ठगी और डेटा सुरक्षा जैसी चुनौतियां लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही हैं। ऐसी कार्यशालाएं लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्क बनाने और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा देने में मदद करती हैं।
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