दिल्ली में चुनाव आयोग (ECI) के बाहर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में प्रदर्शन कर रहे वाम दलों के नेताओं के बीच CPI(M) के महासचिव एमए बेबी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। यह प्रदर्शन पांच वामपंथी दलों के देशव्यापी आंदोलन का हिस्सा था, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने और SIR प्रक्रिया रोकने की मांग की जा रही है।
पांच वाम दलों का संयुक्त विरोध
CPI(M), CPI, CPI(ML) लिबरेशन, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (RSP) और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक ने 26 सितंबर से 2 अक्टूबर तक देशभर में विरोध कार्यक्रम चलाने का ऐलान किया है। इन दलों का आरोप है कि SIR प्रक्रिया से पात्र मतदाताओं के वोट देने के अधिकार पर असर पड़ सकता है।
बृंदा करात ने उठाई CEC हटाने की मांग
प्रदर्शन में शामिल CPI नेता बृंदा करात ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाया जाना चाहिए या उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि SIR प्रक्रिया तत्काल रोकी जाए और 2023 के नियमों में संशोधन किया जाए।
'हर दिन होगा विरोध प्रदर्शन'
CPI(M) नेता सुभाषिनी अली ने कहा कि वाम दलों ने फैसला किया है कि देशभर में रोजाना प्रदर्शन किए जाएंगे। उनके मुताबिक, मतदान का अधिकार संविधान की बुनियादी गारंटी है और यदि इस पर असर पड़ता है तो इसका विरोध जारी रहेगा।
SIR पर जारी है विवाद
SIR को लेकर विपक्षी दल लगातार चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण से कई पात्र मतदाता सूची से बाहर हो सकते हैं। वहीं चुनाव आयोग का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना और पात्र नागरिकों का नाम शामिल करना है।
देशभर में बढ़ा विरोध
दिल्ली का यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है जब SIR को लेकर देश के कई हिस्सों में विपक्षी दल विरोध कर रहे हैं। वाम दलों ने इस मुद्दे पर अन्य विपक्षी दलों और नागरिक संगठनों के साथ व्यापक समन्वय की भी बात कही है।