देश को टीबी मुक्त बनाने की खिलाफ शुरू की कई लड़ाई में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा 'JOSH' (जॉइंट स्क्वाड फॉर हेल्थ - Joint Squad for Health) टीमों के राष्ट्रीय शुभारंभ का नेतृत्व करेंगे। इसके लिए विशेष कार्यक्रम का आयोजन नई दिल्ली में स्थित भारत मंडपम में किया जाएगा। पहले चरण में युवाओं के नेतृत्व में सामुदायिक लामबंदी को मजबूत करने और टीबी मुक्त भारत के संदेश को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का काम किया जाएगा।

इसका मुख्य उद्देश्य 11 राज्यों के 55 जिलों में JOSH टीमों को तैनात करना है। जेपी नड्डा, श्रम एवं रोजगार एवं युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की उपस्थिति में जोश टीम्स का राष्ट्रीय स्तर पर इस कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम में शामिल होने वाले मंत्रालयों के वरिष्ठ नेतृत्व और हितधारक, निर्वाचित प्रतिनिधि, प्रथम श्रेणी के अधिकारी, माय भारत स्वयंसेवक, एनसीसी कैडेट और भारत में टीबी उन्मूलन प्रयासों से जुड़े अन्य भागीदार भी एक साथ आएंगे।

खुशी अवतार नामक एक एआई चैटबॉल भी होगा लॉन्च

इस कार्यक्रम में टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रमुख उपलब्धियों को दर्शाने वाला एक वीडियो दिखाया जाएगा। जिसके बाद जोश टीम्स का औपचारिक शुभारंभ होगा। टीबी मुक्त भारत अभियान के लिए नई सूचना, शिक्षा और संचार इससे जुड़ी सामग्री भी लॉन्च करेगी। इस कार्यक्रम में खुशी अवतार नामक एक एआई-संचालित चैटबॉट भी लॉन्च किया जाएगा।

जिसका उद्देश्य टीबी उन्मूलन की दिशा में राष्ट्रीय प्रयासों में जन जागरूकता, सामुदायिक भागीदारी और सहभागिता को मजबूत करना है। जोश टीमों की परिकल्पना भारत के युवाओं की ऊर्जा और पहुंच को टीबी उन्मूलन के लिए संगठित सामुदायिक कार्रवाई में बदलने के लिए एक संरचित तंत्र के रूप में की गई है।

टीमें रोकथाम से जुटी जानकारी करेंगी साझा

इन टीमों में प्रथम श्रेणी के अधिकारी, एमवाई भारत स्वयंसेवक और एनसीसी कैडेट शामिल होंगे, जो एमवाई भारत और एनसीसी के व्यापक युवा नेटवर्क और सामुदायिक संपर्क क्षमताओं के साथ प्रशासनिक नेतृत्व को संयोजित करेंगे। पहले चरण में यह पहल ब्लॉक और सामुदायिक स्तरों पर सहभागिता को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करेगी। जिससे टीबी मुक्त भारत के संदेश को स्वास्थ्य सुविधाओं से परे ले जाकर लोगों और समुदायों के करीब पहुंचा सकते हैं।

जहां वह रहकर काम करेंगे और एक-दूसरे से बातचीत करेंगे। सामुदायिक संपर्क और सहभागिता के माध्यम से, JOSH टीमें टीबी के लक्षणों, रोकथाम, समय पर निदान और उपचार पूरा करने से संबंधित महत्वपूर्ण संदेशों के प्रसार में सहयोग करेंगी। वे टीबी से जुड़े मिथकों और भ्रांतियों को दूर करने, कलंक को कम करने और व्यक्तियों, परिवारों और समुदायों को राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने के प्रयासों में भी योगदान देंगी।

टीबी के खिलाफ लड़ाई में होगी सक्रिय भागीदार

इस पहल का उद्देश्य युवाओं को टीबी के खिलाफ लड़ाई में सक्रिय भागीदार बनाना है, उन्हें जागरूकता पैदा करने, सामाजिक लामबंदी और सामुदायिक सहभागिता में योगदान देने के लिए एक निश्चित मंच प्रदान करना है। प्रथम श्रेणी के अधिकारियों, माय भारत स्वयंसेवकों और एनसीसी कैडेटों का एकीकरण जमीनी स्तर पर सरकारी कार्यक्रमों और समुदायों के बीच संबंध को और मजबूत करेगा।

जोश टीम्स की पहल भारत में टीबी उन्मूलन प्रयासों के महत्वपूर्ण स्तंभों के रूप में सामुदायिक भागीदारी और जन भागीदारी पर बढ़ते जोर को आगे बढ़ाती है। 2025 में, 697 जिलों में फैली 67,933 पंचायतों को टीबी मुक्त के रूप में मान्यता दी गई, जो राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन एजेंडा को आगे बढ़ाने में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, निर्वाचित प्रतिनिधियों, समुदाय के सदस्यों और स्वयंसेवकों के सामूहिक प्रयासों को दर्शाती है।

सामुदायिक भागीदारी को मिलेगी और मजबूती

यह उपलब्धि टीबी उन्मूलन के संदेश को अंतिम छोर तक पहुंचाने में स्थानीय नेतृत्व, सामुदायिक भागीदारी और निरंतर सहभागिता के महत्व को रेखांकित करती है। JOSH टीमें जन भागीदारी की इस भावना को आगे बढ़ाते हुए युवाओं की ऊर्जा, पहुंच और सामाजिक नेटवर्क का उपयोग करके टीबी के प्रति जागरूकता, लामबंदी और सामुदायिक भागीदारी को और मजबूत करेंगी।

JOSH टीमें स्वास्थ्य, युवा और रक्षा क्षेत्रों की संस्थागत शक्तियों और आउटरीच नेटवर्क को एक साथ लाकर टीबी उन्मूलन के लिए सरकार के समग्र सरकारी और समग्र सामाजिक दृष्टिकोण का प्रतिनिधित्व करती हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय समग्र जन स्वास्थ्य और टीबी उन्मूलन ढांचा प्रदान करेगा, जबकि युवा मामले एवं खेल मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय क्रमशः सामुदायिक स्तर पर लामबंदी और जागरूकता अभियान में एमवाई भारत स्वयंसेवकों और एनसीसी कैडेटों की भागीदारी को सुगम बनाएंगे।

जमीनी स्तर पर होगी व्यापक भागीदारी

यह पहल मंत्रालयों और क्षेत्रों में समन्वय पर सरकार के निरंतर जोर को दर्शाती है, जिससे विविध संस्थागत और सामुदायिक नेटवर्क एक सामान्य राष्ट्रीय लक्ष्य की दिशा में योगदान कर सकें। जोश टीम्स का शुभारंभ टीबी के प्रति जन-केंद्रित, सहभागी और समुदाय-संचालित प्रतिक्रिया बनाने के सरकारी प्रयासों में एक और महत्वपूर्ण कदम है।

जिसमें मंत्रालयों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, स्वास्थ्य कर्मियों, निर्वाचित प्रतिनिधियों, युवाओं और नागरिकों को शामिल करते हुए समन्वित कार्रवाई की जाएगी। जमीनी स्तर पर अधिक सक्रिय भागीदारी और व्यापक जन सहभागिता के माध्यम से, जोश टीमें टीबी मुक्त भारत के निर्माण के सामूहिक संकल्प को और मजबूत करेंगी।


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