90 साल की उम्र में जब ज्यादातर लोग आरामदायक जिंदगी को प्राथमिकता देते हैं, जापान के तोशिसुके कनाज़ावा आज भी बॉडीबिल्डिंग के मंच पर उतर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने 85 साल से अधिक उम्र की कैटेगरी में ऑल जापान मास्टर्स फिटनेस चैंपियनशिप का खिताब जीता। यह उनका 19वां नेशनल टाइटल है।

24 साल की उम्र में बने मिस्टर जापान

कनाज़ावा का बॉडीबिल्डिंग से रिश्ता कई दशकों पुराना है। उन्होंने कम उम्र में इस खेल को अपनाया और 24 साल की उम्र में मिस्टर जापान का खिताब अपने नाम किया। 1967 में उन्होंने मिस्टर यूनिवर्स प्रतियोगिता में भी हिस्सा लिया, जहां उनकी मुलाकात उस दौर के दिग्गज बॉडीबिल्डरों अर्नोल्ड श्वार्ज़नेगर और सर्जियो ओलिविया से हुई।

50 की उम्र में फिर शुरू की ट्रेनिंग

30 साल की उम्र के बाद कनाज़ावा ने प्रतियोगिताओं से दूरी बना ली थी। करीब 50 साल की उम्र में उन्होंने दोबारा बॉडीबिल्डिंग शुरू की। उनकी पत्नी की बीमारी भी इस फैसले की एक वजह बनी। वह चाहते थे कि उनकी पत्नी उन्हें फिर से फिट होकर प्रतियोगिता में हिस्सा लेते हुए देखें। पत्नी के निधन के बाद भी उन्होंने अपना फिटनेस सफर जारी रखा।

ऐसी है कनाज़ावा की डाइट

कनाज़ावा ने बॉडीबिल्डिंग में वापसी के बाद मांस और मछली खाना छोड़ दिया। उनके नाश्ते में आमतौर पर ब्राउन राइस, नट्टो और मिसो सूप शामिल होते हैं। नट्टो और मिसो दोनों सोयाबीन से बने पारंपरिक जापानी खाद्य पदार्थ हैं।

दोपहर और रात के भोजन में भी ब्राउन राइस उनकी डाइट का हिस्सा रहता है। वह इसमें थोड़ा फ्यूरिकाके डालते हैं। इसके अलावा वह दिन में तीन बार प्रोटीन ड्रिंक लेते हैं।

एक्सरसाइज के साथ रिकवरी पर जोर

उम्र बढ़ने के साथ कनाज़ावा ने अपनी ट्रेनिंग में भी बदलाव किया है। अब वह भारी स्क्वैट्स और बेंच प्रेस के बजाय मशीनों का अधिक इस्तेमाल करते हैं। वह करीब दो घंटे ट्रेनिंग करते हैं और सप्ताह में छह दिन जिम जाते हैं। सेट्स के बीच पर्याप्त आराम और करीब सात घंटे की नींद को भी वह जरूरी मानते हैं। उन्होंने धूम्रपान और शराब से दूरी बनाए रखी है।

90 के बाद भी जारी है सफर

कनाज़ावा का लक्ष्य केवल खिताब जीतना नहीं है। 90 की उम्र में भी वह प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए प्रशिक्षण जारी रखना चाहते हैं। उनकी फिटनेस यात्रा यह दिखाती है कि लंबे समय तक सक्रिय रहने के लिए नियमित व्यायाम, खान-पान, पर्याप्त आराम और अनुशासन पर लगातार ध्यान देना जरूरी हो सकता है।

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