Sunil Lodhi Eye Treatment Update: फिल्म ‘हनुमान अंश’ इन दिनों चर्चा में है। फिल्म की कहानी और कलाकारों के साथ इसका भजन ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान…’ भी लोगों का ध्यान खींच रहा है। इस भजन को बुंदेलखंड के सिंगर सुनील लोधी ने अपनी आवाज दी है।
गाना सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सुनील लोधी भी लोगों के बीच चर्चा में आ गए। उनकी आवाज की तारीफ तो हो ही रही है, लेकिन उनकी जिंदगी की कहानी जानकर लोग भावुक भी हुए। सुनील बचपन से ही दृष्टिबाधित हैं। इसके बावजूद उन्होंने संगीत का साथ नहीं छोड़ा और अपनी आवाज को ही अपनी पहचान बनाया।अब सुनील की जिंदगी में एक नई उम्मीद जगी है। फिल्म की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने उनकी आंखों के इलाज में मदद करने का फैसला किया है।
ट्रेनों में गाते थे सुनील, फिर मिला फिल्म में मौका
सिद्धार्थ कनन के साथ बातचीत में अनुप्रिया नागर ने सुनील लोधी के सफर के बारे में बताया। उनके मुताबिक, सुनील पहले ट्रेनों में गाना गाया करते थे। उनकी आवाज में उन्हें कुछ खास बात महसूस हुई और जब सुनील उनके ऑफिस पहुंचे तो उन्होंने उनके हुनर को पहचाना।फिल्म के भजन में भी ज्यादा बैकग्राउंड म्यूजिक का इस्तेमाल नहीं किया गया है। सुनील की आवाज और उसमें मौजूद भक्ति का भाव ही गाने को अलग बनाता है।अनुप्रिया ने बताया कि उन्होंने सुनील से कहा था कि वह इंटरनेट सेंसेशन बन चुके हैं। इस पर सुनील ने बड़ी सादगी से जवाब दिया कि यह उनकी नहीं, बल्कि हनुमान जी की कृपा है।
बचपन से नहीं देख सकते, फिर भी जिंदगी से कोई शिकायत नहीं
अनुप्रिया ने सुनील की सोच की भी तारीफ की। उन्होंने बताया कि सुनील को बचपन से दिखाई नहीं देता, लेकिन इसके बावजूद वह अपनी जिंदगी को लेकर शिकायत नहीं करते। भगवान हनुमान में उनकी गहरी आस्था है और वह अपनी जिंदगी को भगवान का आशीर्वाद मानते हैं।अनुप्रिया के मुताबिक, सुनील हाल ही में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से भी मिले थे। इस दौरान उनके आंखों के इलाज में मदद का आश्वासन मिलने की बात सामने आई थी। इसके बाद अनुप्रिया ने भी सुनील की मदद करने का फैसला किया।
मुंबई लौटते ही डॉक्टर से होगी मुलाकात
अनुप्रिया नागर ने बताया कि उन्होंने सुनील के लिए एक आई स्पेशलिस्ट से अपॉइंटमेंट लिया है। सुनील जैसे ही मुंबई लौटेंगे, उन्हें डॉक्टर के पास ले जाकर आंखों की जांच कराई जाएगी।अनुप्रिया ने कहा कि सुनील लोगों का प्यार महसूस कर सकते हैं, लेकिन उसे अपनी आंखों से देख नहीं सकते। वह चाहती हैं कि सुनील भी लोगों का प्यार अपनी आंखों से देख सकें।अब डॉक्टर की जांच के बाद ही यह साफ होगा कि उनकी आंखों की रोशनी में सुधार की कोई मेडिकल संभावना है या नहीं। फिलहाल उनके इलाज की कोशिश ने सुनील और उनके चाहने वालों के बीच एक नई उम्मीद जरूर जगा दी है।