हिंदी सिनेमा में जब भी बेहतरीन गायकों का जिक्र होता है, तो किशोर कुमार का नाम सबसे पहले याद आता है। अपनी सुरीली आवाज, शानदार गायकी और अलग अंदाज से उन्होंने करोड़ों लोगों के दिलों में जगह बनाई। किशोर कुमार सिर्फ एक गायक ही नहीं, बल्कि अभिनेता, संगीतकार और फिल्म निर्माता भी थे. उन्होंने अपने करियर में कई यादगार गाने दिए और फिल्मों में अपनी एक्टिंग से भी लोगों का मनोरंजन किया।

बात दें कि आज यानी 13 अक्टूबर को किशोर कुमार की पुण्यतिथि मनाई जाती है। साल 1987 में इसी दिन उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया था। आज भले ही वह हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके गाने आज भी लोगों की जुबां पर रहते हैं। उनकी जिंदगी भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं थी। आइए जानते हैं किशोर कुमार की जिंदगी से जुड़े कुछ दिलचस्प किस्से।

बड़े भाई अशोक कुमार की फिल्म से शुरू हुआ था एक्टिंग करियर

किशोर कुमार का जन्म 4 अगस्त 1929 को मध्य प्रदेश के खंडवा में हुआ था, उनका असली नाम आभास कुमार गांगुली था, उनके बड़े भाई अशोक कुमार उस समय हिंदी सिनेमा के बड़े अभिनेता बन चुके थे। किशोर कुमार को भी बचपन से ही फिल्मों और संगीत का शौक था।

उन्होंने साल 1946 में फिल्म 'शिकारी' से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी। इस फिल्म में उनके बड़े भाई अशोक कुमार मुख्य भूमिका में थे। इसके बाद किशोर कुमार ने गायकी की दुनिया में भी कदम रखा। बता दें कि साल 1948 में आई फिल्म 'जिद्दी' के गाने 'मरने की दुआएं क्यों मांगूं' से उन्होंने बतौर प्लेबैक सिंगर अपनी पहचान बनानी शुरू की। यह गाना अभिनेता देव आनंद पर फिल्माया गया था। इसके बाद किशोर कुमार ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और अपनी आवाज के दम पर हिंदी सिनेमा में खास जगह बना ली।

जब शूटिंग के दौरान कार लेकर निकल गए किशोर कुमार

किशोर कुमार अपने मजाकिया अंदाज और अजीबोगरीब हरकतों के लिए काफी मशहूर थे, उनके कई किस्से आज भी फिल्मी दुनिया में सुनाए जाते हैं। ऐसा ही एक किस्सा उनकी फिल्म की शूटिंग से जुड़ा है। बताया जाता है कि एक बार एक डायरेक्टर ने किशोर कुमार के साथ काम करते समय उनसे एक एग्रीमेंट करवाया था। इसके मुताबिक, अगर वह शूटिंग के दौरान डायरेक्टर की बात नहीं मानते, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती थी।

एक दिन फिल्म की शूटिंग के दौरान डायरेक्टर ने किशोर कुमार से कहा कि उन्हें कार चलाकर कुछ दूर जाना है और फिर वापस आना है। शूटिंग शुरू हुई और किशोर कुमार कार लेकर निकल पड़े, लेकिन काफी देर तक वह वापस नहीं आए, बाद में पता चला कि किशोर कुमार शूटिंग के लिए निकले थे, लेकिन कार लेकर खंडाला की तरफ चले गए, उनके इस अंदाज ने वहां मौजूद लोगों को हैरान कर दिया था।

घर में खोपड़ी और हड्डियां रखने का था शौक

किशोर कुमार की जिंदगी से जुड़ा एक और दिलचस्प किस्सा उनके अजीब शौक से जुड़ा है। कहा जाता है कि उन्हें अनोखी चीजें इकट्ठा करने का काफी शौक था। उनके इसी शौक के चलते उनके घर में खोपड़ियां और हड्डियां भी रखी होती थीं, उनके बेटे और गायक अमित कुमार ने भी इस बारे में बात की थी। एंटरटेनमेंट पत्रकार विकी लालवानी को दिए एक इंटरव्यू में अमित कुमार ने बताया था कि उनके पिता एक बार ईस्ट अफ्रीका के नैरोबी में शो करने गए थे। वहां से वह खोपड़ियां और हड्डियां लेकर आए थे।

अमित कुमार के मुताबिक, उनके पिता को इस तरह की चीजें जमा करना पसंद था और ये चीजें आज भी ट्रस्ट में मौजूद हैं। किशोर कुमार के ऐसे शौक उन्हें बाकी लोगों से अलग बनाते थे।

किशोर कुमार ने की थीं चार शादियां

किशोर कुमार की प्रोफेशनल लाइफ जितनी शानदार रही, उनकी निजी जिंदगी भी उतनी ही चर्चा में रही, उन्होंने अपनी जिंदगी में चार शादियां की थीं, उनकी पहली शादी साल 1950 में बंगाली गायिका और अभिनेत्री रुमा गुहा ठाकुरता से हुई थी। दोनों का एक बेटा हुआ, जिसका नाम अमित कुमार है। हालांकि, शादी के करीब सात साल बाद 1958 में दोनों का तलाक हो गया।

इसके बाद साल 1960 में किशोर कुमार ने मशहूर अभिनेत्री मधुबाला से शादी की। दोनों का रिश्ता करीब नौ साल तक चला। मधुबाला लंबे समय से बीमार थीं और साल 1969 में उनका निधन हो गया। मधुबाला के निधन के बाद किशोर कुमार ने साल 1976 में अभिनेत्री योगिता बाली से तीसरी शादी की। हालांकि, यह रिश्ता भी ज्यादा समय तक नहीं चल सका और 1978 में दोनों अलग हो गए।

इसके बाद साल 1980 में किशोर कुमार ने अभिनेत्री लीना चंदावरकर से चौथी शादी की। लीना उनसे उम्र में करीब 27 साल छोटी थीं। दोनों का रिश्ता किशोर कुमार के आखिरी समय तक बना रहा। 13 अक्टूबर 1987 को किशोर कुमार का निधन हो गया, उनके जाने से संगीत की दुनिया को बड़ा झटका लगा, लेकिन उनकी आवाज आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है।

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हजारों गानों से आज भी लोगों के दिलों पर करते हैं राज

किशोर कुमार की गायकी का अंदाज सबसे अलग था। वह रोमांटिक गाने हों, दर्द भरे नगमे हों या फिर मस्ती से भरे गाने, हर तरह के गीतों को अपनी आवाज से खास बना देते थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने अपने करियर में करीब 2,500 से 2,900 गाने गाए थे, उन्होंने हिंदी के अलावा बंगाली, मराठी, गुजराती, असमिया, कन्नड़, मलयालम, उड़िया और पंजाबी जैसी कई भाषाओं में भी गाने गाए।

उनके कुछ सबसे लोकप्रिय गानों में 'मेरे सपनों की रानी', 'पल पल दिल के पास', 'ये शाम मस्तानी', 'जिंदगी का सफर' और 'ओ मेरे दिल के चैन' जैसे गाने शामिल हैं। किशोर कुमार की खासियत यह थी कि वह हर गाने में अपनी अलग पहचान छोड़ जाते थे। यही वजह है कि दशकों बाद भी उनके गाने पुराने नहीं लगते। उनकी आवाज का जादू आज भी संगीत प्रेमियों के सिर चढ़कर बोलता है और हिंदी सिनेमा में उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा।