नई दिल्ली। पंचानन पाठक मेमोरियल कॉमेडी थिएटर फेस्टिवल के उद्घाटन दिवस पर हास्य नाटक “टूइय्या गाँव के लोग” का सफल एवं प्रभावशाली मंचन एलटीजी ऑडिटोरियम, नई दिल्ली में किया गया।
लगभग एक महीने की टीम की कड़ी मेहनत और समर्पण से तैयार इस नाटक को दर्शकों ने खूब सराहा। हास्य, मनोरंजन और सामाजिक संदेश से भरपूर इस प्रस्तुति ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा।
नाटक का लेखन एवं निर्देशन आलोक शुक्ला ने किया। उन्होंने स्वयं नाटक में ‘दूरबीन चाचा’ की महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाई।
नाटक के संगीत को मधुर और प्रभावशाली बनाने में शिब्बू गाजीपुरी का विशेष योगदान रहा। उन्होंने संगीत देने के साथ-साथ ‘बाबा’ का सशक्त किरदार भी निभाया।
एडवोकेट टेकचंद राजपूत ने ढोलक पर प्रभावशाली संगत देने के साथ-साथ नाटक की पूरी मंच सज्जा की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने ‘कमजोर सिंह’ के किरदार को भी प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
निरुपमा बढ़ेरा ने ‘टुनकी चाची’ के किरदार में अपने बेहतरीन अभिनय से दर्शकों को प्रभावित किया। वहीं मुख्य भूमिका निभा रहीं कविता ने अभिनय के साथ-साथ वस्त्र सज्जा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसमें निरुपमा बढ़ेरा और नीतू शुक्ला का विशेष सहयोग रहा।
नाटक के अन्य प्रमुख कलाकारों में संजय सिंह ने ‘पहलवान सिंह’, मृदुल कुमार ने ‘पीएम चायवाला’, विनय शर्मा ने ‘शराबी’ और ‘बैल’, योगेश शर्मा ने महत्वपूर्ण भूमिका, जितेंद्र सिंह ने इंस्पेक्टर, लालू साइकिलवाले के किरदार को निभाया। वहीं निखिल कुमार ने ‘लोटा’ के साथ-साथ स्पॉट बॉय की जिम्मेदारी भी संभाली और अभिमन्यु चौधरी ने ‘पुड्डू’ के किरदार को प्रभावशाली ढंग से निभाया।
इसके अलावा सीरियल डायरेक्टर की महत्वपूर्ण भूमिका में वागीश शर्मा और अतिरिक्त छोटी लेकिन महत्वपूर्ण भूमिकाओं में डॉली सिंह तथा प्रताप सिंह ने भी अपने अभिनय से दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी।
नाटक की प्रकाश सज्जा की जिम्मेदारी लकी मल्होत्रा ने संभाली, जबकि ध्वनि संचालन का कार्य तुषार चमोला ने किया।
यह प्रस्तुति प्रसिद्ध रंगमंचीय संस्था ‘प्रासंगिक’ की थी। प्रस्तुति को सफल बनाने में प्रताप सिंह और निरुपमा बढ़ेरा ने प्रस्तुति सहायक के रूप में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
नाटक की सफलता के बाद लेखक एवं निर्देशक आलोक शुक्ला ने पूरी टीम, सहयोगियों और दर्शकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता टीम के एक महीने के सामूहिक परिश्रम, समर्पण और दर्शकों के प्यार का परिणाम है।
“टूइय्या गाँव के लोग” ने अपने सहज हास्य, जीवंत पात्रों और मनोरंजक प्रस्तुति के माध्यम से पंचानन पाठक मेमोरियल कॉमेडी थिएटर फेस्टिवल के उद्घाटन दिवस को यादगार बना दिया और दर्शकों से भरपूर सराहना प्राप्त की।