नई दिल्ली: 22 सितंबर 2026 को भारतीय सिनेमा के लिए बड़ा दिन रहा। 72वें National Film Awards की भव्य ceremony गुजरात के एकता नगर, केवड़िया में हुई, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अलग-अलग फिल्मों, कलाकारों और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े विजेताओं को सम्मानित किया। इसी समारोह में दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को 2024 का दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड भी दिया गया। इस बार की ceremony इसलिए भी खास रही क्योंकि National Film Awards का आयोजन दिल्ली से बाहर एकता नगर में किया गया।
72वें अवॉर्ड्स में क्या हुआ?
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि 72वें National Film Awards साल 2024 में प्रमाणित फिल्मों के लिए दिए गए हैं। National Film Awards की शुरुआत 1954 में हुई थी और इनमें फीचर फिल्म, नॉन-फीचर फिल्म और सिनेमा पर लेखन जैसी अलग-अलग श्रेणियां शामिल होती हैं। इस साल विजेताओं की घोषणा 18 जुलाई 2026 को हुई थी, जबकि पुरस्कार समारोह 22 सितंबर को आयोजित किया गया।
इस बार पुरस्कारों में बड़े नामों के साथ क्षेत्रीय और अलग भाषाओं की फिल्मों को भी जगह मिली। हिंदी की Article 370 से लेकर तमिल की Amaran, मलयालम की Bramayugam, तेलुगु की Kalki 2898 AD, मराठी की Bhangaar और संथाली की Angen तक कई भाषाओं का सिनेमा राष्ट्रीय मंच पर नजर आया।
किसे मिला कौन सा अवॉर्ड?
72वें National Film Awards में फिल्मों, कलाकारों, निर्देशकों और तकनीकी पक्ष से जुड़े कई कामों को अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित किया गया।
| पुरस्कार | विजेता/फिल्म |
| Best Feature Film | Article 370 |
| Best Actress | यामी गौतम – Article 370 |
| Best Actor | ममूटी – Bramayugam, कार्तिक आर्यन – Chandu Champion |
| Best Direction | राजकुमार पेरियासामी – Amaran |
| Best Popular Film | Kalki 2898 AD |
| Best Supporting Actor | संजय मिश्रा – Bhakshak |
| Best Supporting Actress | सचाना नामीदास – Maharaja, रोपाश्री वरकाडी – Mithya |
| Best Debut Director | रणदीप हुड्डा – Swatantrya Veer Savarkar |
| Best Non-Feature Film | Bhangaar |
| Best Documentary | Ram-Nami |
इन प्रमुख पुरस्कारों के अलावा बाल कलाकार, प्लेबैक सिंगिंग, संगीत, क्षेत्रीय भाषाओं और कई तकनीकी श्रेणियों में भी पुरस्कार दिए गए।
अनंत नाग को दादासाहेब फाल्के
72वें समारोह का सबसे बड़ा सम्मान दिग्गज अभिनेता अनंत नाग के नाम रहा। उन्हें साल 2024 के दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह भारतीय सिनेमा में असाधारण योगदान के लिए दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है।
अनंत नाग ने पांच दशक से ज्यादा लंबे करियर में कई भारतीय भाषाओं की फिल्मों में काम किया है। उन्होंने 300 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय किया है और Malgudi Days जैसे चर्चित टेलीविजन प्रोजेक्ट का भी हिस्सा रहे हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनके अभिनय को थिएटर और सिनेमा के बेहतरीन मेल के रूप में बताया और उनकी स्वाभाविक, संयमित तथा वास्तविक अभिनय शैली की सराहना की।

Article 370 और यामी गौतम
इस बार Best Feature Film का राष्ट्रीय पुरस्कार Article 370 को मिला। फिल्म के निर्माता Jio Studios और B62 Studios हैं, जबकि इसका निर्देशन आदित्य सुहास जांभले ने किया। इसी फिल्म के लिए यामी गौतम को Best Actress in a Leading Role का पुरस्कार मिला।
राष्ट्रपति ने भी Article 370 का जिक्र करते हुए कहा कि फिल्म देश की एकता से जुड़ी चुनौतियों और उनके समाधान को सामने रखती है। यानी इस फिल्म को सिर्फ अभिनय के लिए नहीं, बल्कि Best Feature Film की श्रेणी में उसकी समग्र सिनेमाई प्रस्तुति के आधार पर सम्मान मिला।

ममूटी और कार्तिक आर्यन
Best Actor in a Leading Role का पुरस्कार इस बार साझा किया गया। मलयालम फिल्म Bramayugam के लिए ममूटी और हिंदी फिल्म Chandu Champion के लिए कार्तिक आर्यन को संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ अभिनेता चुना गया।
यह बताता है कि किसी एक कैटेगरी में जरूरत पड़ने पर जूरी एक से ज्यादा कलाकारों को भी समान रूप से सम्मानित कर सकती है। इसलिए National Award में हर श्रेणी का सिर्फ एक विजेता होना जरूरी नहीं है।

Amaran के राजकुमार पेरियासामी
Best Direction का पुरस्कार तमिल फिल्म Amaran के निर्देशक राजकुमार पेरियासामी को मिला। वहीं Amaran ने इस edition में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की और इसकी कहानी तथा प्रस्तुति ने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई।
इसके अलावा लोकप्रिय फिल्मों को भी अलग-अलग श्रेणियों में सम्मान मिला। Kalki 2898 AD को Best Popular Film Providing Wholesome Entertainment का पुरस्कार दिया गया। यह पुरस्कार ऐसी फिल्म को दिया जाता है जिसे मनोरंजन की व्यापक अपील वाली फिल्म के रूप में चुना जाता है।

संजय मिश्रा से सचाना नामीदास तक
अभिनय के दूसरे स्तर पर भी कई कलाकारों को सम्मान मिला। Bhakshak के लिए संजय मिश्रा को Best Actor in a Supporting Role का पुरस्कार मिला।
वहीं Best Actress in a Supporting Role का पुरस्कार सचाना नामीदास को Maharaja और रोपाश्री वरकडी को Mithya के लिए संयुक्त रूप से मिला। यानी अभिनय की मुख्य भूमिका के अलावा सहायक भूमिकाओं को भी National Awards में अलग से महत्व दिया गया।

Captain Miller को खास सम्मान
तमिल फिल्म Captain Miller को Best Feature Film Promoting National, Social and Environmental Values का पुरस्कार मिला। इस श्रेणी में ऐसी फिल्म को सम्मानित किया जाता है जो राष्ट्रीय, सामाजिक या पर्यावरणीय मूल्यों को अपनी कहानी और प्रस्तुति के जरिए सामने रखती है।
इसी तरह 35 - Chinna Katha Kaadu को Best Children’s Film का पुरस्कार मिला। इससे साफ है कि National Film Awards सिर्फ मुख्यधारा की बड़ी फिल्मों और सितारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बच्चों और सामाजिक विषयों पर बनी फिल्मों के लिए भी अलग जगह है।

Randeep Hooda और Angen
अभिनय के साथ निर्देशन में कदम रखने वाले रंदीप हुड्डा को Swatantrya Veer Savarkar के लिए Best Debut Film of a Director का पुरस्कार मिला। वहीं संथाली फिल्म Angen के निर्देशक रवि राज मुर्मू को भी Best Debut Film of a Director का सम्मान मिला।
Angen की उपलब्धि खास इसलिए भी रही क्योंकि इसने संथाली सिनेमा को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई। राष्ट्रपति ने भी इस फिल्म को सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देने वाली उपलब्धि के रूप में रेखांकित किया।

Bhangaar और Ram-Nami
Feature Film के अलावा Non-Feature Film और Documentary की भी अलग श्रेणियां होती हैं। इस बार Best Non-Feature Film का पुरस्कार Bhangaar को मिला, जबकि Best Documentary का पुरस्कार Ram-Nami को दिया गया।
Bhangaar को लेकर राष्ट्रपति ने कहा कि फिल्म जीवन और मृत्यु तथा अर्थ और निरर्थकता से जुड़े अनदेखे पहलुओं को सामने रखती है। वहीं Ram-Nami को डॉक्यूमेंट्री श्रेणी में राष्ट्रीय सम्मान मिला। Bhangaar की निर्माता और निर्देशक सुमिरा रॉय हैं, जबकि Ram-Nami के निर्माता BBP Studio Virtual Bharat Pvt. Ltd. और निर्देशक भारतबाला गणपति हैं।
Kalki 2898 AD समेत बड़ी जीत
Kalki 2898 AD को Best Popular Film Providing Wholesome Entertainment का पुरस्कार मिला। फिल्म के निर्माता Vyjayanthi Movies और निर्देशक नाग अश्विन सिंघिरेड्डी हैं।
इसके अलावा Pushpa: The Rule Part-02, Stree 2 और Bhool Bhulaiyaa 3 जैसी लोकप्रिय फिल्मों ने भी अलग-अलग श्रेणियों में सम्मान हासिल किया। इसलिए इस बार की पुरस्कार सूची में बड़े व्यावसायिक सिनेमा के साथ अलग-अलग भाषाओं और विषयों की फिल्मों की मौजूदगी दिखाई देती है।
संजय मिश्रा और सहायक कलाकार
अभिनेता संजय मिश्रा को Bhakshak के लिए Best Actor in a Supporting Role का पुरस्कार मिला। वहीं Best Actress in a Supporting Role का पुरस्कार Maharaja की सचाना नामीदास और Mithya की रोपाश्री वरकाडी को साझा रूप से दिया गया।
दूसरे बड़े पुरस्कार
| श्रेणी | फिल्म | विजेता |
| Best Feature Film Promoting National, Social and Environmental Values | Captain Miller | निर्माता Sathya Jyothi Films, निर्देशक Arun Matheswaran |
| Best Children’s Film | 35 – Chinna Katha Kaadu | Nanda Kishore Emani व निर्माता |
| Best Child Artist | Mithya, 35 – Chinna Katha Kaadu, Onko Ki Kothin | Athish S Shetty, Arundev Pothula और संयुक्त विजेता |
| Best Male Playback Singer | Gharat Ganpati | Abhay Jodhpurkar |
| Best Female Playback Singer | A.R.M | Vaikom Vijayalakshmi |
| Best Music Direction | Article 370 / Amaran | Shashwat Sachdev / G. V. Prakash Kumar |
क्षेत्रीय फिल्मों को भी बड़ा मंच
National Film Awards की एक खास बात यह है कि यहां भारतीय सिनेमा की भाषाई विविधता को भी सम्मान दिया जाता है। इस बार Dholi को Best Garhwali Film और IMBU को Best Tulu Film का पुरस्कार मिला। इसके अलावा तमिल, मलयालम, तेलुगु, कन्नड़, हिंदी, मराठी और संथाली जैसी भाषाओं की फिल्मों ने भी अलग-अलग श्रेणियों में पहचान बनाई।
यानी National Award का मतलब सिर्फ हिंदी या बड़े फिल्म उद्योगों की फिल्मों से नहीं है। अलग-अलग भाषाओं और क्षेत्रों से आने वाली फिल्मों के लिए भी इसमें पुरस्कार की व्यवस्था है।
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National Award कौन तय करता है?
अब सबसे अहम सवाल आता है कि आखिर तय कौन करता है कि कौन सी फिल्म National Award जीतेगी?
हर साल पुरस्कारों के लिए फिल्मों से entries मंगाई जाती हैं। इसके बाद Feature Film, Non-Feature Film और Best Writing on Cinema के लिए अलग-अलग जूरी बनाई जाती हैं। इन जूरी में सिनेमा के साथ कला और मानविकी से जुड़े अनुभवी लोगों को शामिल किया जाता है।
Feature Films के लिए दो स्तर की प्रक्रिया होती है। पहले देश के अलग-अलग हिस्सों से आई फिल्मों को पांच regional panels देखते हैं। इसके बाद central panel shortlisted फिल्मों का मूल्यांकन करके विजेताओं का फैसला करता है। Non-Feature Film और Best Writing on Cinema के लिए अलग जूरी होती है।
फिल्म National Award तक कैसे पहुंचती है?
किसी फिल्म के लिए सिर्फ लोकप्रिय होना पर्याप्त नहीं होता। पुरस्कारों के लिए तय पात्रता और नियम होते हैं। फिल्म को संबंधित award year में CBFC से प्रमाणित होना चाहिए और उसमें English subtitles होने चाहिए। Feature Film की अवधि 72 मिनट से अधिक होनी चाहिए। इसके बाद फिल्म संबंधित category में entry के जरिए evaluation process में जाती है।
यही वजह है कि National Film Awards को सिर्फ box office या दर्शकों की लोकप्रियता के आधार पर मिलने वाला पुरस्कार नहीं माना जाता। अलग-अलग categories में कहानी, निर्देशन, अभिनय, तकनीकी काम और दूसरे निर्धारित मानकों के आधार पर jury फिल्मों का मूल्यांकन करती है।
Swarna Kamal और Rajat Kamal क्या हैं?
National Film Awards में अलग-अलग पुरस्कारों के साथ Swarna Kamal और Rajat Kamal जैसे सम्मान भी जुड़े होते हैं। इनके जरिए अलग-अलग श्रेणियों के विजेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिया जाता है। इसके अलावा पुरस्कारों में medal और निर्धारित cash prize भी शामिल हो सकते हैं। 72वें National Film Awards की आधिकारिक सूची में हर category के साथ संबंधित medal और cash prize का विवरण दिया गया है।
इस बार की ceremony क्यों रही खास?
72वें National Film Awards की सबसे बड़ी खासियत सिर्फ बड़े विजेताओं की सूची नहीं रही। इस बार ceremony एकता नगर, केवड़िया में हुई, यानी National Film Awards को दिल्ली से बाहर एक प्रमुख राष्ट्रीय और पर्यटन स्थल तक ले जाया गया। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने इसे भारत की सांस्कृतिक विविधता को देश के अलग-अलग हिस्सों तक ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
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