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क्या ChatGPT आपकी प्राइवेट बातें Google और Meta को भेज रहा है? OpenAI पर बड़ा आरोप!
अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी OpenAI एक नए कानूनी विवाद में फंस गई है। कंपनी के लोकप्रिय AI चैटबॉट ChatGPT पर यूजर्स की निजी जानकारी साझा करने के गंभीर आरोप लगे हैं।
अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी OpenAI एक नए कानूनी विवाद में फंस गई है। कंपनी के लोकप्रिय AI चैटबॉट ChatGPT पर यूजर्स की निजी जानकारी साझा करने के गंभीर आरोप लगे हैं। कैलिफोर्निया की फेडरल कोर्ट में दायर एक क्लास एक्शन मुकदमे में दावा किया गया है कि OpenAI ने ChatGPT वेबसाइट पर ऐसे ट्रैकिंग टूल्स का इस्तेमाल किया, जिनके जरिए यूजर्स का डाटा कथित तौर पर गूगल और मेटा जैसी कंपनियों तक पहुंचाया गया। इस मामले ने AI प्लेटफॉर्म्स पर प्राइवेसी और डाटा सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
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निजी जानकारियों को ऑटोमैटिक तरीके से रिकॉर्ड करने का आरोप
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मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि ChatGPT वेबसाइट पर Meta Pixel और Google Analytics जैसे ट्रैकिंग टूल्स सक्रिय थे। शिकायत के अनुसार, इन टूल्स की मदद से यूजर्स की गतिविधियों, ईमेल एड्रेस और क्वेरी जैसी निजी जानकारियों को ऑटोमैटिक तरीके से रिकॉर्ड किया गया। आरोप है कि यह जानकारी बाद में विज्ञापन और एनालिटिक्स उद्देश्यों के लिए दूसरी कंपनियों के साथ साझा की गई हो सकती है। हालांकि अभी तक OpenAI की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है और मामले की जांच अदालत में जारी है।
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डिजिटल प्राइवेसी से जुड़ा बड़ा मुद्दा
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विशेषज्ञों का कहना है कि आज बड़ी संख्या में लोग AI चैटबॉट्स का इस्तेमाल निजी बातचीत के लिए करते हैं। कई यूजर्स मेडिकल सलाह,कानूनी समस्याएं, आर्थिक जानकारी और व्यक्तिगत परेशानियों से जुड़े सवाल AI प्लेटफॉर्म्स पर पूछते हैं। ऐसे में लोगों को यह उम्मीद रहती है कि उनकी बातचीत पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय रहेगी। यही वजह है कि यह मामला केवल तकनीकी विवाद नहीं बल्कि डिजिटल प्राइवेसी से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन गया है।
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ChatGPT पर ट्रैकिंग तकनीक का उपयोग का लगा आरोप
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Meta Pixel और Google Analytics जैसे टूल्स आमतौर पर वेबसाइट ट्रैफिक मापने और टारगेटेड विज्ञापन दिखाने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। उदाहरण के तौर पर यदि कोई यूजर इंटरनेट पर किसी टीवी या मोबाइल को सर्च करता है और बाद में दूसरी वेबसाइट्स पर उसी प्रोडक्ट के विज्ञापन दिखाई देने लगते हैं, तो उसके पीछे यही ट्रैकिंग सिस्टम काम करता है। मुकदमे में दावा किया गया है कि ChatGPT पर भी इसी तरह की ट्रैकिंग तकनीक का उपयोग किया गया।
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AI कंपनियों की पारदर्शिता पर उठ रहे सवाल
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याचिका में आरोप लगाया गया है कि OpenAI ने अमेरिकी प्राइवेसी कानूनों, जैसे California Invasion of Privacy Act और Electronic Communications Privacy Act का उल्लंघन किया हो सकता है। शिकायतकर्ताओं ने कोर्ट से हर्जाने और कथित डाटा शेयरिंग प्रथा पर रोक लगाने की मांग की है। इस विवाद ने एक बार फिर AI कंपनियों की पारदर्शिता, यूजर सुरक्षा और डाटा कंट्रोल को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आपके दिए हुए प्रोफाइल को **राजीव सिंह** और **TNP News** के अनुसार ढालकर, NBT/Times of India से जुड़े संदर्भ हटाकर इस तरह किया जा सकता है: ## राजीव सिंह, TNP News में एडिटर और एक्सप्लेनर एक्सपर्ट हैं। राजीव सिंह TNP News में एक्सप्लेनर, स्पेशल स्टोरीज और रिसर्च आधारित खबरों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनके एक्सप्लेनर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय, बिजनेस, राजनीति, सामाजिक मुद्दों और एंटरटेनमेंट समेत विभिन्न कैटेगरी की खबरों से जुड़े होते हैं। किसी भी विषय पर स्टोरी तैयार करते समय शरद दीक्षित रिसर्च, डीप डाइव, फैक्ट चेक, वैल्यू एड और विशेषज्ञों की राय को विशेष महत्व देते हैं। TNP News के लिए वे महत्वपूर्ण और चर्चित मुद्दों पर विश्लेषणात्मक एवं रियल टाइम स्टोरीज तैयार करते हैं। उनका फोकस किसी भी खबर को केवल प्रस्तुत करने के बजाय उसके पीछे की पूरी कहानी, तथ्यों और उसके संभावित प्रभाव को पाठकों तक सरल और प्रभावी तरीके से पहुंचाने पर रहता है। राजीव सिंह को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, राजनीति, बिजनेस, सामाजिक मुद्दों और मनोरंजन की खबरों पर लगातार नजर रखने का अनुभव है। किसी भी खबर पर उनकी पहली प्राथमिकता तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी होती है। इसके बाद वे यह समझने पर जोर देते हैं कि उस खबर का समाज, राजनीति, अर्थव्यवस्था और आम लोगों पर क्या प्रभाव पड़ सकता है। ### पत्रकारिता का अनुभव राजीव सिंह ने पत्रकारिता के क्षेत्र में डेस्क, ग्राउंड रिपोर्टिंग, इंटरव्यू, रिसर्च, डिजिटल कंटेंट और स्पेशल स्टोरीज जैसी विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। अपने पत्रकारिता करियर के दौरान उन्होंने समाचारों के पारंपरिक माध्यमों के साथ-साथ डिजिटल पत्रकारिता की बदलती जरूरतों और नई तकनीकों को भी करीब से समझा है। उन्होंने राष्ट्रीय और स्थानीय स्तर के महत्वपूर्ण मुद्दों को कवर करने के साथ-साथ राजनीतिक घटनाक्रम, चुनाव, सामाजिक विषयों, प्रशासनिक मुद्दों और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग और विश्लेषण किया है। TNP News में राजीव सिंह का प्रमुख फोकस रिसर्च आधारित पत्रकारिता, एक्सप्लेनर स्टोरी, डीप डाइव, स्पेशल स्टोरी और तथ्यपरक विश्लेषण पर है। उनका प्रयास रहता है कि जटिल और महत्वपूर्ण विषयों को आसान भाषा में इस तरह प्रस्तुत किया जाए कि पाठक खबर के साथ-साथ उसके कारण, प्रभाव और पूरे संदर्भ को भी समझ सके। ### पत्रकारिता का दृष्टिकोण राजीव सिंह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय घटनाओं, राजनीति, बिजनेस, सामाजिक मुद्दों और डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड पर उनकी लगातार नजर रहती है। वे खबर के तत्काल प्रभाव के साथ-साथ उसके दीर्घकालिक प्रभाव को भी समझने और पाठकों के सामने रखने पर जोर देते हैं। उनकी पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि पाठकों को **खबर के पीछे की कहानी, तथ्य और उसका असर** समझाना है। ### TNP News में भूमिका TNP News में राजीव सिंह एक्सप्लेनर, स्पेशल स्टोरीज, डीप डाइव और रिसर्च आधारित कंटेंट के साथ काम कर रहे हैं। वे महत्वपूर्ण घटनाओं और ट्रेंडिंग मुद्दों पर रियल टाइम एक्सप्लेनर और विश्लेषणात्मक स्टोरी तैयार करने के साथ डिजिटल ऑडियंस की जरूरतों के अनुसार कंटेंट को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी बनाने पर ध्यान देते हैं। TNP News के माध्यम से उनका प्रयास ऐसी पत्रकारिता को आगे बढ़ाना है जिसमें **तथ्य, रिसर्च, निष्पक्ष विश्लेषण और जनसरोकार** को प्राथमिकता मिले।