Pakistan News: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के दौरान न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में प्रवेश करते समय समाचार एजेंसी के एक पत्रकार ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से सीधे सवाल किया। जिसमें पत्रकार ने प्रधानमंत्री से पूछा कि आप आतंकवादियों को पनाह देना कब बंद करेंगे? इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है। जिससे वैश्विक मंच पर आतंकवाद से जुड़े मुद्दे पर पूछे गए सवालों से पाकिस्तान खुद को बचाते समय सुर्खियों में छा गया।

सवालों का जवाब नहीं दे पाए पाकिस्तानी PM

किसी देश के प्रधानमंत्री से सीधे सवाल करना हर किसी के बस की बात नहीं, लेकिन समाचार एसेंजी के पत्रकार ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से सीधा सवाल करते हुए पूछ लिया कि आप आतंकवादियों को पनाह देना कब बंद करेंगे। जिसके बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री असहज महसूस करने लगे। जैसे ही पाकिस्तानी प्रधानमंत्री अपने कदम आगे बढ़ाने लगे।

वैसे ही पत्रकार ने अपना दूसरा सवाल पूछ डाला। जिसमें पत्रकार ने पूछा- आप लश्कर-ए-तैयबा चीफ हाफ़िज़ सईद पर कब मुक़दमा चलाएंगे? इन कड़े सवालों को सुनकर शहबाज शरीफ असहज हो गए और बिना किसी प्रतिक्रिया या जवाब के हाथ से इशारा करते हुए चुपचाप आगे निकल गए।

26/11 हमले का आरोपी है आतंकी हाफिज सईद

पाकिस्तान पूर्व में भी कई अन्य देशों में आतंकवाद के मुद्दे पर किए गए सवालों पर चुप्पी साधे हुए दिखा है। बड़े-बड़े आंतकियों का पनाहगार बना पाकिस्तान अन्य देशों की आलोचना का लगातार सामना कर रहा है। लेकिन इसके बावजूद भी पाकिस्तान हाफिज सईद जैसे बड़े आतंकियों को पनाह देने से बाज नहीं आ रहा।

26/11 मुंबई हमले का मुख्य आरोपी आतंकवादी हाफिज सईद पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सरगोधा का रहने वाला है। यह आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा का सस्थापक भी है। भारत में गैरकानूनी गतिविधियां अधिनियम 1967 के अंतर्गत उसे आतंकवादी घोषित किया जा चुका है।


भारत ने पूर्व में की थी पाकिस्तान की कड़ी आलोचना

दरअसल एक दिन पूर्व ही भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में पाकिस्तान की कड़ी आलोचना की थी। शहबाज शरीप के संयुक्त राष्ट्र दौरे के समय पाकिस्तान को भारत के कड़े शब्दों का भी सामना करना पड़ा. भारत की तरफ से भी इसकी तीखी आलोचना का समर्थन अन्य देशों ने भी किया। आतंकवादियों को पनाह देकर गुनहगार बन बैठा पाकिस्तान इस समय कर्ज में पूरी तरह से डूब चुका है। लेकिन उसके बाद भी पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है।

भले ही पाकिस्तान की जनता इस समय भूख से तड़प रही है। लेकिन पाकिस्तान अन्य देशों के साथ अपने रिश्तों को सुधारकर आतंकवाद का अंत करने जैसे सवालों से खुद को बचाने में लगा हुआ है। लेकिन सवाल यह है कि आखिर कब तक पाकिस्तान इन सवालों से खुद को बचाने में लगा रहेगा। एक ना एक दिन तो उसे इन सवालों का या तो जबाव देना होगा। या सवाल की असली जड़ को यानी आतंकवाद के अंत में अन्य देशों का सहयोग करना होगा।


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