Russia Diesel Crisis: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस की तेल रिफाइनरियों पर यूक्रेन के हमलों को लेकर एक बार फिर चिंता जताई है। ट्रंप ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से रूसी रिफाइनरियों पर ड्रोन और मिसाइल हमले रोकने की अपील की है। उन्होंने दावा किया कि युद्ध के चलते रूस का डीजल उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ है और इसका असर वैश्विक ईंधन बाजार पर पड़ रहा है।

ट्रंप ने सोमवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा कि रूस ने यूक्रेन के साथ युद्ध के कारण अपने डीजल तेल उद्योग पर नियंत्रण खो दिया है। उनके मुताबिक, रूस की बड़ी संख्या में डीजल रिफाइनरियों को नुकसान पहुंचा है और वे कम से कम अस्थायी तौर पर बंद हैं।

‘यह बेतुकी और कभी खत्म न होने वाली जंग खत्म होनी चाहिए’
ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। उन्होंने लिखा कि यह “बेतुकी और कभी खत्म न होने वाली जंग” समाप्त होनी चाहिए। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि हर महीने करीब 25,000 लोगों, जिनमें ज्यादातर सैनिक हैं, की जान जा रही है।

ट्रंप की यह टिप्पणी उनकी और जेलेंस्की की न्यूयॉर्क में होने वाली प्रस्तावित मुलाकात से पहले आई है। दोनों नेताओं की संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान मंगलवार को मुलाकात प्रस्तावित है।

डीजल की कीमतों को लेकर ट्रंप चिंतित
Financial Times की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को ट्रंप और जेलेंस्की के बीच फोन पर हुई बातचीत में डीजल की आपूर्ति और बढ़ती कीमतों का मुद्दा प्रमुख रहा। रिपोर्ट के मुताबिक, बातचीत में मौजूद एक वरिष्ठ यूक्रेनी अधिकारी ने बताया कि ट्रंप ने जेलेंस्की से रूसी रिफाइनरियों पर ड्रोन और मिसाइल हमले रोकने के लिए यूक्रेनी सेना को निर्देश देने को कहा।

ट्रंप पहले भी 13 सितंबर को इसी तरह की अपील कर चुके हैं। उन्होंने उस समय कहा था कि जेलेंस्की को रूस के डीजल ईंधन प्रतिष्ठानों को निशाना बनाना बंद करना चाहिए और अन्य लक्ष्यों पर ध्यान देना चाहिए।

रूस ने ट्रंप की अपील का किया स्वागत
क्रेमलिन ने ट्रंप की इस अपील का स्वागत किया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि मॉस्को उन पहलों का स्वागत करता है, जिनमें यूक्रेन से नागरिक आर्थिक ढांचे पर हमले रोकने का आह्वान किया जाता है। हालांकि, पेस्कोव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल के लिए खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ते तनाव को भी जिम्मेदार बताया।


वहीं, यूक्रेन का कहना है कि रूसी रिफाइनरियों पर उसके हमले वैध सैन्य कार्रवाई का हिस्सा हैं। यूक्रेनी हमलों के कारण रूस की रिफाइनिंग क्षमता प्रभावित हुई है और देश के कुछ हिस्सों में ईंधन की कमी की खबरें सामने आई हैं।

इन घटनाक्रमों के बीच रूसी अधिकारियों ने मॉस्को पर हुए एक बड़े ड्रोन हमले की भी जानकारी दी, जिसमें एक प्रमुख तेल रिफाइनरी में आग लगने की बात सामने आई थी।