नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने से जुड़ी ईरान की प्रस्तावित पहल को खारिज किए जाने के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा हुसैनी खामेनेई ने कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान में अलग-अलग वर्गों और समुदायों के बीच व्यापक एकजुटता है और देश की सेना समेत विभिन्न हिस्से किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं।

‘दुश्मन को अपमानित करने का मैदान तैयार करेंगे’

ईरान के ‘सैक्रेड डिफेंस वीक’ के मौके पर जारी संदेश में खामेनेई ने कहा कि पूरे ईरान में, खासकर सशस्त्र तैयारियों को लेकर, व्यापक स्तर पर तैयारी मौजूद है। उन्होंने कहा कि ईरान के लोग ऐसा माहौल बनाने के लिए तैयार हैं जो उनके लिए सम्मान और उनके दुश्मनों के लिए ‘अपमान’ का कारण बने।

खामेनेई ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि ईरानी लड़ाकों और इस महत्वपूर्ण जलमार्ग की सुरक्षा में तैनात बलों ने दुश्मन को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि अब दुश्मन अरब सागर से आगे बढ़ने की स्थिति में नहीं है और अगर उसने ऐसा करने की कोशिश की तो उसे नुकसान उठाना पड़ेगा।

होर्मुज को लेकर अमेरिका-ईरान में टकराव

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बना हुआ है। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक प्रस्ताव रखा था। इसके तहत कुछ अमेरिकी शर्तें पूरी होने पर ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने की बात कर रहा था।

अमेरिका की ओर से इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया गया। अमेरिकी राजदूत माइक वॉल्ट्ज के मुताबिक, ईरान ने परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत शुरू करने से पहले प्रतिबंधों में राहत और अरबों डॉलर की फ्रीज संपत्तियों तक पहुंच की मांग की थी।

हालांकि, ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने अमेरिकी राजदूत के इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने प्रस्ताव को देखा ही नहीं था। अराघची ने कहा कि ईरान कूटनीति के लिए तैयार है, लेकिन किसी नए हमले की स्थिति में संघर्ष के लिए भी पूरी तरह तैयार है।

हम युद्ध और कूटनीति दोनों के लिए तैयार

अराघची ने अमेरिकी मीडिया से बातचीत में कहा कि ईरान अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देता है। उन्होंने कहा कि ईरान एक तरफ कूटनीति के लिए तैयार है, वहीं दूसरी तरफ युद्ध दोबारा शुरू होने की स्थिति के लिए भी पूरी तरह तैयार है। उन्होंने यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर छोड़ दिया कि वह किस रास्ते को चुनते हैं।

नसरल्लाह की बरसी पर आया बयान

खामेनेई का यह संदेश हिजबुल्लाह के पूर्व प्रमुख सैयद हसन नसरल्लाह की मौत की पहली बरसी के मौके पर भी आया है। नसरल्लाह की 28 सितंबर 2024 को बेरूत के दक्षिणी इलाके में इजरायली हवाई हमले में मौत हुई थी। इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने उस समय उनकी मौत की पुष्टि की थी।

खामेनेई ने अपने संदेश में ईरान के पुराने संघर्षों का भी जिक्र किया और कहा कि जिन परिस्थितियों में कभी देश को कमजोर करने की कोशिशें की गई थीं, वे अब दोबारा नहीं लौटेंगी। उन्होंने दावा किया कि आज ईरानी समाज के अलग-अलग वर्ग देश की रक्षा के मुद्दे पर एकजुट हैं।