नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए तत्काल प्रभाव से सीजफायर का ऐलान किया है। हालांकि, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने इस घोषणा पर हैरानी जताते हुए कहा कि उन्हें इस तरह के किसी समझौते की जानकारी नहीं थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि रूस ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए सहमत होता है, तो यूक्रेन भी ऐसा करने के लिए तैयार है।

ट्रंप ने क्या ऐलान किया?

डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा सीजफायर पर सहमति बन गई है और यह तत्काल प्रभाव से लागू होगा। उन्होंने दोनों पक्षों को समझौते का पालन करने की चेतावनी भी दी।

इस घोषणा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर होने वाले हमलों को रोकना माना जा रहा है। हालांकि, ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि दोनों देशों के बीच सहमति कब और किस स्तर पर बनी। रूस की ओर से भी तत्काल इस घोषणा की पुष्टि नहीं की गई।

जेलेंस्की बोले- मुझे इसकी जानकारी नहीं

ट्रंप के ऐलान के बाद यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा कि यह घोषणा उनके लिए नई जानकारी है। समाचार वेबसाइट एक्सियोस को दिए गए एक संक्षिप्त इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अगर ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ इस मुद्दे पर बातचीत की है, तो उन्हें बताया जाए कि सीजफायर कब से शुरू हो रहा है।

जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन इस व्यवस्था को स्वीकार करने के लिए तैयार है, बशर्ते रूस भी इसका पालन करे। उन्होंने पहले भी कहा था कि यदि रूस यूक्रेन के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले रोकता है, तो यूक्रेन रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले बंद कर सकता है।

ऊर्जा ठिकानों पर हमलों से बढ़ी चिंता

फरवरी 2022 में रूस के यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर आक्रमण शुरू करने के बाद से ऊर्जा बुनियादी ढांचा युद्ध का प्रमुख निशाना रहा है। रूसी हमलों से यूक्रेन में बिजली आपूर्ति और हीटिंग व्यवस्था प्रभावित हुई है। वहीं, यूक्रेन ने रूस की तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाया है।

सर्दियों से पहले ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने की किसी भी व्यवस्था से आम नागरिकों को राहत मिल सकती है। हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप की घोषणा के बाद दोनों देश वास्तव में हमले रोकेंगे या नहीं। सीजफायर की प्रभावी शुरुआत और शर्तों पर रूस तथा यूक्रेन की स्पष्ट सहमति अहम होगी।

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