ओस्केमेन, कजाकिस्तान: भारत और कजाकिस्तान के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास KAZIND-2026 का उद्घाटन समारोह मंगलवार को कजाकिस्तान के ओस्केमेन में आयोजित किया गया। समारोह की अध्यक्षता कजाकिस्तान के सशस्त्र बलों के रीजनल कमांड ईस्ट के प्रमुख मेजर जनरल झेनिस मारालोव ने की। इसमें कजाकिस्तान के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और कजाकिस्तान में भारत के डिफेंस अटैचे कर्नल पंकज विद्यार्थी शामिल हुए।

समारोह के दौरान मेजर जनरल झेनिस मारालोव और भारतीय दल के कमांडर कर्नल अरुण देव सिंह जामवाल ने दोनों देशों के सैनिकों को संबोधित किया और अभ्यास के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।

उद्घाटन के साथ ही दोनों देशों के सैनिकों के बीच संयुक्त प्रशिक्षण और समन्वित गतिविधियों का चरण शुरू हो गया। इस दौरान दोनों सैन्य दल एक-दूसरे के साथ परिचालन अनुभव साझा करने के साथ आपसी समझ, विश्वास और सहयोग को मजबूत करेंगे।

आतंकवाद रोधी अभियानों पर रहेगा मुख्य जोर

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, KAZIND-2026 का उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाना और संयुक्त राष्ट्र के जनादेश के तहत गैर-पारंपरिक परिस्थितियों में संयुक्त आतंकवाद रोधी अभियानों को अंजाम देने की क्षमता को मजबूत करना है।

अभ्यास में अर्ध-शहरी और पहाड़ी इलाकों में आतंकवाद रोधी अभियानों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके तहत संयुक्त योजना और अभियान संचालन, एयर मोबिलिटी तथा ड्रोन और काउंटर-ड्रोन (Counter-UAS) क्षमताओं के एकीकृत इस्तेमाल का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

छापेमारी से लेकर हेलिबोर्न ऑपरेशन तक होगा अभ्यास

दोनों देशों के सैनिक आतंकवादी गतिविधियों की स्थिति में संयुक्त प्रतिक्रिया, छापेमारी, सर्च एंड डिस्ट्रॉय मिशन, घेराबंदी और तलाशी अभियान जैसी गतिविधियों का अभ्यास करेंगे।

India-Kazakhstan Joint Military Exercise KAZIND-2026 opening ceremony held in Oskemen (Photo/Indian Army)

इसके अलावा हेलिपैड और लैंडिंग साइट की सुरक्षा तथा स्पेशल हेलिबोर्न ऑपरेशन पर भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। अभ्यास के दौरान एक संयुक्त कमांड पोस्ट और इंटेलिजेंस एंड सर्विलांस सेंटर स्थापित किया जाएगा, ताकि अभियानों की योजना और संचालन में बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जा सके।

अंतिम चरण में होगा वैलिडेशन एक्सरसाइज

अभ्यास के अंतिम चरण में एक व्यापक वैलिडेशन एक्सरसाइज आयोजित की जाएगी। इसमें दोनों देशों की सेनाएं पहले से अभ्यास की गई रणनीतियों, तकनीकों और प्रक्रियाओं को एक काल्पनिक आतंकवादी खतरे की स्थिति में संयुक्त रूप से लागू करेंगी।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, KAZIND-2026 से दोनों देशों की सेनाओं को एक-दूसरे के परिचालन अनुभव से सीखने का अवसर मिलेगा। यह अभ्यास भारत और कजाकिस्तान के बीच सैन्य सहयोग को और मजबूत करने के साथ क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और सामूहिक सुरक्षा के प्रति दोनों देशों की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करेगा।

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