नई दिल्ली: नेपाल में शुक्रवार से रविवार यानी 25 से 27 सितंबर के बीच भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के बाद प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने देशवासियों से सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की है।
प्रधानमंत्री शाह इस समय संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिस्सा लेने के लिए अमेरिका के रास्ते में हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मौसम विभाग के पूर्वानुमान का हवाला देते हुए लोगों को गरज-चमक, आंधी, बिजली गिरने, बाढ़, भूस्खलन और सड़क अवरुद्ध होने के संभावित खतरे को लेकर सावधान किया।
कई प्रांतों में भारी बारिश की संभावना
नेपाल के जल तथा मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, शुक्रवार से रविवार के बीच देश के कई हिस्सों में गरज और तेज हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। प्रधानमंत्री शाह ने बताया कि गंडकी और लुंबिनी प्रांत के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। एक-दो स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश भी हो सकती है। इसके अलावा कोशी, बागमती, मधेश, कर्णाली और सुदूरपश्चिम के कुछ हिस्सों में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है।
बाढ़ और भूस्खलन का खतरा
मौसम की स्थिति को देखते हुए सरकार ने कई संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। इनमें गंडकी प्रांत का पोखरा क्षेत्र, लुंबिनी के पहाड़ी और तराई इलाके, कोशी में ताप्लेजुंग समेत हिमालयी क्षेत्र, बागमती के पहाड़ी हिस्से, कर्णाली में जुम्ला के आसपास के इलाके और सुदूरपश्चिम के पहाड़ी क्षेत्र शामिल हैं। इन इलाकों में बाढ़, जलभराव, भूस्खलन और सड़क बंद होने का खतरा बताया गया है।
रात में हाईवे पर सफर से बचने की सलाह
प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने लोगों से बारिश के दौरान और खासकर रात के समय हाईवे पर यात्रा करने से बचने की अपील की है। लोगों को नदियों और छोटी धाराओं के आसपास जाने से बचने तथा भूस्खलन की आशंका वाले पहाड़ी ढलानों से दूर रहने की सलाह दी गई है। ट्रेकिंग और हिमालयी क्षेत्रों की यात्रा की योजना बना रहे लोगों को भी मौसम की स्थिति सामान्य होने तक अपनी यात्रा टालने या उस पर पुनर्विचार करने को कहा गया है।
मौसम विभाग और प्रशासन के अपडेट पर नजर रखने की अपील
प्रधानमंत्री ने नागरिकों से जल तथा मौसम विज्ञान विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी होने वाले अपडेट नियमित रूप से देखने को कहा है। उन्होंने लोगों से आपदा संबंधी अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की भी अपील की। सरकारी एजेंसियों को संभावित नुकसान को कम करने के लिए पहले से तैयारियां करने और आपदा प्रतिक्रिया से जुड़े उपायों के लिए आपसी समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
अगस्त की भीषण आपदा के बाद बढ़ी चिंता
नेपाल में यह मौसम चेतावनी ऐसे समय आई है जब देश अभी हाल की एक बड़ी प्राकृतिक आपदा से उबर रहा है। 26 अगस्त को उत्तरी हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियर ढहने और भूस्खलन के बाद भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के इलाकों में बाढ़ आई थी। इस आपदा में 1,300 से ज्यादा लोगों की मौत और हजारों लोगों के लापता होने की खबर सामने आई थी। इसके बाद नेपाल सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मदद की भी अपील की थी।
ऐसे में इस सप्ताह भारी बारिश के पूर्वानुमान ने खासकर पहाड़ी और हिमालयी जिलों में प्रशासन और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है।