नई दिल्ली: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में बुधवार को अचानक इमरजेंसी घोषित होने के बाद हड़कंप मच गया। करीब 180 यात्रियों को लेकर जा रही FZ1073 ने पहले इमरजेंसी कोड 7700 प्रसारित किया। इसके बाद 7500 कोड भी सक्रिय होने की खबर सामने आई, जिसे विमान के अपहरण या गैरकानूनी हस्तक्षेप के संकेत के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।
घटना के बाद इजरायल की ओर से एहतियात के तौर पर लड़ाकू विमान रवाना किए गए। बाद में फ्लाइट को उसके मूल रास्ते से हटाकर सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया। फ्लाईदुबई ने विमान में एक घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि सभी यात्री सुरक्षित हैं।
कॉकपिट में आखिर क्या हुआ?
इजरायली अधिकारियों और स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, विमान के कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच किसी बात को लेकर कथित तौर पर झड़प हुई। इसके बाद विमान से इमरजेंसी सिग्नल भेजे गए। द टाइम्स ऑफ इजरायल ने यात्रियों और हिब्रू मीडिया रिपोर्टों के हवाले से बताया कि एक पायलट द्वारा विमान को नुकसान पहुंचाने या क्रैश करने की कथित कोशिश की गई थी। रिपोर्ट में कहा गया कि दूसरे पायलट और कुछ यात्रियों ने उसे रोकने में मदद की।
Hero passenger who helped take down the stabber on board the fly Dubai flight. https://t.co/rJGOcam88k pic.twitter.com/eNbQi3vztz
— גיא עזריאל Guy Azriel | Diplomatic Correspondent (@GuyAz) September 30, 2026
वहीं, चैनल 14 की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि एक पायलट ने कथित तौर पर आत्महत्या का प्रयास किया और विमान की ऊंचाई करीब 30 हजार फीट से तेजी से घटकर 15 हजार फीट तक आ गई। हालांकि, ये सभी दावे अभी जांच के दायरे में हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
यात्रियों ने सुनाई डरावनी कहानी
घटना के दौरान विमान में मौजूद कुछ यात्रियों ने मीडिया से बात करते हुए कॉकपिट के पास से चीखने-चिल्लाने की आवाजें आने की बात कही। एक यात्री ने i24NEWS को बताया कि कुछ मिनटों तक उन्हें लगा कि विमान क्रैश हो सकता है और उनकी जान नहीं बचेगी। कुछ यात्रियों ने कॉकपिट के पास खून देखे जाने और एक पायलट पर चाकू से हमला किए जाने का दावा भी किया। उनके मुताबिक, यात्रियों और क्रू के सदस्यों ने मिलकर एक व्यक्ति को काबू करने में मदद की।
सोशल मीडिया पर सामने आई एक तस्वीर में एक यात्री की टी-शर्ट पर खून के निशान दिखाई देने की बात कही जा रही है। हालांकि, तस्वीर और यात्रियों द्वारा बताए गए घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
30 हजार फीट से तेजी से नीचे आया विमान
फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा में भी विमान की ऊंचाई और वर्टिकल स्पीड में असामान्य बदलाव दिखाई देने की रिपोर्ट है। 7700 इमरजेंसी कोड प्रसारित होने से पहले विमान की वर्टिकल स्पीड में काफी उतार-चढ़ाव दर्ज किए जाने की बात कही गई है।
रिपोर्टों के अनुसार, विमान कुछ समय के लिए करीब 21,650 फीट की ऊंचाई तक पहुंचा, लेकिन बाद में फिर नीचे आया और 14 हजार फीट से कम ऊंचाई तक पहुंच गया। इसके बाद विमान करीब 15 हजार फीट की ऊंचाई पर काफी समय तक उड़ता रहा। इन बदलावों का वास्तविक कारण क्या था, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
इजरायल ने क्यों भेजे फाइटर जेट?
विमान से संपर्क स्थापित करने में शुरुआती परेशानी और 7500 कोड सक्रिय होने की खबर के बाद इजरायल में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। हाईजैक की आशंका को देखते हुए इजरायल ने लड़ाकू विमान रवाना किए।
घटना के दौरान प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के बीच भी स्थिति को लेकर बातचीत हुई। बाद में प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से कहा गया कि स्थिति नियंत्रण में है और इजरायली यात्रियों को सुरक्षित वापस लाने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतरी फ्लाइट
फ्लाइट को उसके मूल गंतव्य तेल अवीव के बजाय सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया। विमान के उतरने के बाद सऊदी सुरक्षा बलों ने उसे घेर लिया। फ्लाईदुबई ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि FZ1073 तबुक में सुरक्षित उतर गई और विमान में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं। एयरलाइन ने बताया कि वह संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर मामले पर काम कर रही है। फिलहाल विमान के अंदर वास्तव में क्या हुआ, पायलटों के बीच विवाद की वजह क्या थी और 7500 कोड क्यों सक्रिय हुआ, इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।