ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सात दिन के भीतर दोबारा खोलने के लिए अमेरिका के सामने एक प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव के संदर्भ में ईरान का कहना है कि अगर अमेरिका उसकी तीन शर्तें मान लेता है, तो, वह होर्मुज का समुद्री रास्ता खोल दिया जाएगा। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत भी फिर दोबारा से शुरू की जा सकती है।
ईरान इन तीन शर्तों से साथ करेगा समझौता
इस संदर्भ में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि इन शर्तों के साथ होर्मुज का समुद्री रास्ता खोलना है या नहीं ये फैसला अब अमेरिका को करना है। ईरान के प्रस्ताव में पहली शर्त यह है कि ईरानी बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाई जाए, दूसरी ईरानी तेल बिक्री पर लगे प्रतिबंधों में छूट दी जाए और तीसरी यह कि ऐसा युद्धविराम लागू किया जाए, जिसमें लेबनान भी शामिल हो। अगर अमेरिका, ईरान के इन तीन शर्तों को मानता है तो वह सात दिनों के अंदर होर्मुज का समुद्री रास्ता खोलने एवं अपने परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत करने को तैयार है।
7 दिनों में खुलेगा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता
दरअसल, संयुक्त राष्ट्र महासभा के अन्तर्गत न्यूयॉर्क में हुई एक निजी बैठक में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने यह प्रस्ताव रखा है। इस संदर्भ में अराघची ने कहा है कि ईरान ने यह प्रस्ताव कतर के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया है। जिसके तहत अमेरिका को कुछ कदम उठाने होंगे। ये कदम नए नहीं हैं, जून में हुए समझौते में पहले से शामिल हैं। अगर अमेरिका इस प्रस्ताव को स्वीकार करती है तो सात दिन की समयसीमा भीतर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोल दिया जाएगा।
अमेरिका-ईरान एक-दूसरे पर समझौते उल्लंघन का लगा रहे आरोप
हालांकि, ईरान का यह मौजूदा प्रस्ताव जून में हुए एक समझौते से मिलता-जुलता है। उस समझौते में 60 दिनों की अंतरिम अवधि रखी गई थी, परंतु यह व्यवस्था ज्यादा दिनों तक नहीं चल सकी। जिसके बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों पर हमले फिर शुरू हो गए थे। अब भी दोनों देशों के बीच भरोसे की कमी बनी हुई है और अमेरिका-ईरान एक-दूसरे पर समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगा रहे हैं।