वीडियो
Pawanraje Nimbalkar Murder Case: 20 साल पुराने पवनराजे निंबालकर केस में सभी आरोपी बरी, कोर्ट का बड़ा फैसला
मुंबई के पवनराजे निंबालकर हत्याकांड मामले में सेशंस कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। करीब 20 साल पुराने इस केस में CBI जांच और लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने कहा कि सबूत आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। हालांकि CBI ने इस फैसले को चुनौती देने के लिए हाई कोर्ट जाने की बात कही है।
मुंबई में लंबे समय से चर्चा में रहे पवनराजे निंबालकर हत्याकांड मामले में सेशंस कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। करीब दो दशक पुराने इस केस में अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। यह फैसला 20 जून 2026 को आया। इस घटना की शुरुआत 3 जून 2006 को हुई थी, जब नवी मुंबई में पवनराजे निंबालकर की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। इस हमले में उनके ड्राइवर की भी मौत हो गई थी, जिससे उस समय राजनीतिक हलकों में काफी तनाव फैल गया था।
जांच और ट्रायल की लंबी प्रक्रिया
घटना के बाद मामला बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देश पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपा गया था। जांच के बाद एजेंसी ने साल 2009 में पहली चार्जशीट दाखिल की और 2010 में सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी दायर की। इस केस में कुल नौ लोगों को आरोपी बनाया गया था, जबकि एक आरोपी को सरकारी गवाह बनाया गया था। ट्रायल के दौरान कई गवाहों के बयान दर्ज किए गए और मामले की सुनवाई वर्षों तक चली।
कोर्ट का निष्कर्ष
सभी तथ्यों और सबूतों की समीक्षा के बाद अदालत ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ पेश किए गए सबूत उन्हें दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। इसी आधार पर सभी को बरी कर दिया गया। मुंबई में सालों पुराने पवनराजे निंबालकर हत्याकांड मामले में सेशंस कोर्ट ने एक बड़ा और अहम फैसला सुनाया है। करीब 20 साल से चल रहे इस चर्चित केस में अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। यह फैसला 20 जून 2026 को सुनाया गया। यह मामला 3 जून 2006 का है, जब नवी मुंबई में पवनराजे निंबालकर की दिन-दहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हमले में उनके ड्राइवर की भी मौके पर ही मौत हो गई थी। इस घटना ने उस समय महाराष्ट्र की राजनीति में भारी हलचल मचा दी थी और मामला लंबे समय तक सुर्खियों में रहा।
जांच की लंबी प्रक्रिया और CBI की भूमिका
घटना के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश पर इसकी जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी गई थी। सीबीआई ने कई सालों तक जांच की और 20 अगस्त 2009 को अदालत में पहली चार्जशीट दाखिल की। इसके बाद 4 जून 2010 को एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी पेश की गई। जांच के दौरान कुल 9 लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिनमें पद्मसिंह बाजीराव पाटिल का नाम भी शामिल था। मामले की जांच के दौरान एक आरोपी को सरकारी गवाह (अप्रूवर) भी बनाया गया था। इस केस की ट्रायल प्रक्रिया कई वर्षों तक चली, जिसमें अदालत ने कई गवाहों के बयान दर्ज किए और सभी सबूतों की विस्तार से जांच की।
कोर्ट का बड़ा फैसला
सभी पक्षों की दलीलें और सबूतों का गहराई से अध्ययन करने के बाद सेशंस कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए सबूत आरोपियों को दोषी साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। इसी आधार पर अदालत ने सभी आरोपियों को बरी करने का आदेश दिया।
CBI की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई
हालांकि इस फैसले से सीबीआई संतुष्ट नहीं है। एजेंसी का कहना है कि उसने अदालत में मजबूत और पर्याप्त सबूत पेश किए थे। सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि वह इस फैसले को चुनौती देने के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट में अपील दायर करेगी। इस फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है और अब सबकी नजर हाई कोर्ट की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है, जहां यह केस फिर से कानूनी बहस का विषय बन सकता है।
Written By: Archana Gupta
आपके दिए हुए प्रोफाइल को **राजीव सिंह** और **TNP News** के अनुसार ढालकर, NBT/Times of India से जुड़े संदर्भ हटाकर इस तरह किया जा सकता है: ## राजीव सिंह, TNP News में एडिटर और एक्सप्लेनर एक्सपर्ट हैं। राजीव सिंह TNP News में एक्सप्लेनर, स्पेशल स्टोरीज और रिसर्च आधारित खबरों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनके एक्सप्लेनर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय, बिजनेस, राजनीति, सामाजिक मुद्दों और एंटरटेनमेंट समेत विभिन्न कैटेगरी की खबरों से जुड़े होते हैं। किसी भी विषय पर स्टोरी तैयार करते समय शरद दीक्षित रिसर्च, डीप डाइव, फैक्ट चेक, वैल्यू एड और विशेषज्ञों की राय को विशेष महत्व देते हैं। TNP News के लिए वे महत्वपूर्ण और चर्चित मुद्दों पर विश्लेषणात्मक एवं रियल टाइम स्टोरीज तैयार करते हैं। उनका फोकस किसी भी खबर को केवल प्रस्तुत करने के बजाय उसके पीछे की पूरी कहानी, तथ्यों और उसके संभावित प्रभाव को पाठकों तक सरल और प्रभावी तरीके से पहुंचाने पर रहता है। राजीव सिंह को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, राजनीति, बिजनेस, सामाजिक मुद्दों और मनोरंजन की खबरों पर लगातार नजर रखने का अनुभव है। किसी भी खबर पर उनकी पहली प्राथमिकता तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी होती है। इसके बाद वे यह समझने पर जोर देते हैं कि उस खबर का समाज, राजनीति, अर्थव्यवस्था और आम लोगों पर क्या प्रभाव पड़ सकता है। ### पत्रकारिता का अनुभव राजीव सिंह ने पत्रकारिता के क्षेत्र में डेस्क, ग्राउंड रिपोर्टिंग, इंटरव्यू, रिसर्च, डिजिटल कंटेंट और स्पेशल स्टोरीज जैसी विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। अपने पत्रकारिता करियर के दौरान उन्होंने समाचारों के पारंपरिक माध्यमों के साथ-साथ डिजिटल पत्रकारिता की बदलती जरूरतों और नई तकनीकों को भी करीब से समझा है। उन्होंने राष्ट्रीय और स्थानीय स्तर के महत्वपूर्ण मुद्दों को कवर करने के साथ-साथ राजनीतिक घटनाक्रम, चुनाव, सामाजिक विषयों, प्रशासनिक मुद्दों और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग और विश्लेषण किया है। TNP News में राजीव सिंह का प्रमुख फोकस रिसर्च आधारित पत्रकारिता, एक्सप्लेनर स्टोरी, डीप डाइव, स्पेशल स्टोरी और तथ्यपरक विश्लेषण पर है। उनका प्रयास रहता है कि जटिल और महत्वपूर्ण विषयों को आसान भाषा में इस तरह प्रस्तुत किया जाए कि पाठक खबर के साथ-साथ उसके कारण, प्रभाव और पूरे संदर्भ को भी समझ सके। ### पत्रकारिता का दृष्टिकोण राजीव सिंह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय घटनाओं, राजनीति, बिजनेस, सामाजिक मुद्दों और डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड पर उनकी लगातार नजर रहती है। वे खबर के तत्काल प्रभाव के साथ-साथ उसके दीर्घकालिक प्रभाव को भी समझने और पाठकों के सामने रखने पर जोर देते हैं। उनकी पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि पाठकों को **खबर के पीछे की कहानी, तथ्य और उसका असर** समझाना है। ### TNP News में भूमिका TNP News में राजीव सिंह एक्सप्लेनर, स्पेशल स्टोरीज, डीप डाइव और रिसर्च आधारित कंटेंट के साथ काम कर रहे हैं। वे महत्वपूर्ण घटनाओं और ट्रेंडिंग मुद्दों पर रियल टाइम एक्सप्लेनर और विश्लेषणात्मक स्टोरी तैयार करने के साथ डिजिटल ऑडियंस की जरूरतों के अनुसार कंटेंट को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी बनाने पर ध्यान देते हैं। TNP News के माध्यम से उनका प्रयास ऐसी पत्रकारिता को आगे बढ़ाना है जिसमें **तथ्य, रिसर्च, निष्पक्ष विश्लेषण और जनसरोकार** को प्राथमिकता मिले।