Rampur news: हमशक्ल या जुड़वा होना भी कभी-कभी लोगों को परेशानी में डाल देता है। ऐसा ही समस्या उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में रहने वाली 10वीं कक्षा की 2 जुड़वां छात्राओं के सामने आई। दोनों बहनों को आधार कार्ड अपडेट करवाना था, लेकिन रेटिना डेटा मैच होने के बाद आधार कार्ड को आवेदन डुप्लीकेसी में जाकर निरस्त हो गया। मामला डीएम के पास पहुंचा।

डीएम ने दिल्ली में अधिकारियों से बातचीत की। जहां अधिकारियों ने बताया कि दोनों का 5-5 महीने के अंतराल में आधार कार्ड अपडेट हो सकते हैं। डीएम की मदद के जरिए परेशान छात्राओं को आधार अपडेट कराने की राह आसान हो गई। कई महीनों के प्रयास के बाद यूआईडीएआई के जरिए आखिरकार दोनों के अलग-अलग समय पर आधार कार्ड अपडेट हो गए।

दोनों बहनों का बायोमेट्रिक एक जैसा

रामपुर के मोहल्ला खारी कुआं निवासी जुबैर इलियास की जुड़वां बेटियां खिजरा और तुबा जुबैर सेंट मैरी स्कूल में 10वीं कक्षा की छात्रा हैं। बचपन में माता-पिता की पहचान पर दोनों का आधार कार्ड बना था। लेकिन आधार कार्ड को 10 वीं की बोर्ड परीक्षाओं के लिए अपडेट कराना बेहद जरूरी था। लेकिन रजिस्ट्रेशन के दौरान दोनों जब वह आधार कार्ड अपडेट कराने पहुंची तो पहले एक बहन का बायोमेट्रिक लिया गया।

इसके बाद बारी आई दूसरी बहन की। अधिकारियों ने फिंगरप्रिंट और रेटिना स्कैन लिया। दूसरी बहन का बायोमेट्रिक पहले से ही मौजूद रिकॉर्ड से मेल खा गया। जिसकी वजह से सिस्टम में डुप्लीकेट एरर आ गया। सिस्टम बार-बार दूसरी बच्ची को अलग व्यक्ति मानने से इंकार कर रहा था और आवेदन में परेशानी सामने आई।

परिवार ने डीएम से मांगी मदद

10वीं बोर्ड परीक्षाओं के रजिस्ट्रेशन में परेशानियां आ रही थी। परिवार इस समस्या को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट अजय द्विवेदी के पास मदद की गुहार लिए पहुंचा। जहां परिवार ने डीएम को बताया कि खिजरा जुबैर और तुबा जुबैर दोनों बहने आइडेंटिकल ट्विंस हैं। 4 साल की उम्र में दोनों का आधार कार्ड बना था, दोनों के माता-पिता ने बताया कि दोनों का पहचान पत्र उनके आधार पर बना था।

दसवीं कक्षा में आने पर दोनों का आधार अपडेट कराने में काफी समस्या आ रही है। दसवीं कक्षा में आने पर जब नया आधार कार्ड बनना था तो एक बच्ची के फिंगरप्रिंट और रेटिना लेने के बाद जब दूसरी बच्ची का आधार कार्ड बनाया गया। लेकिन दूसरी बच्ची का बायोमेट्रिक पहले वाली बच्ची से मैच हो गया और डुप्लीकेसी में चला गया। जिसकी वजह से दोनों के आधार कार्ड बनने में पिछले 4 महीनों से परेशानी आन रही थी।

डीएम की मदद से दोनों बच्चियों की हुई मदद

डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने मामले में गंभीरता दिखाते हुए दोनों बच्चियों की मदद की। तत्काल ही जिला प्रशासन ने UIDAI के वरिष्ठ अधिकारियों से दिल्ली में बात कर कोऑर्डिनेट किया। जिला प्रशासन ने दोनों बच्चियों अलग-अलग आधार कार्ड को अपडेट कराने में सफलता हासिल की। जिला प्रशासन द्वारा अब दोनों बच्चियों के आधार कार्ड अपडेट होकर नए बन चुके हैं। ऐसे में दोनों बच्चियों को 10वीं बोर्ड परीक्षाओं में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं आएगी।

 

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