SIR Row: बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच विवाद तेज हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए उनके इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग की है।

पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भारतीय जनता पार्टी (BJP) के इशारे पर काम कर रहा है। यह उनका राजनीतिक आरोप है।

क्या बोले तेजस्वी यादव?

तेजस्वी यादव ने कहा कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं और SIR प्रक्रिया से जुड़े मामलों में सामने आई रिपोर्टों के बाद यह विवाद और बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि RJD ने इस मुद्दे को लेकर बिहार के कई जिलों में विरोध प्रदर्शन किए हैं और अगर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन जारी रहेगा।उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं के साथ अन्याय हो रहा है और इस मुद्दे पर उनकी पार्टी लंबी लड़ाई लड़ेगी।

SIR विवाद क्या है?

विवाद उस रिपोर्ट के बाद बढ़ा, जिसमें दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में मतदाता सूची और उससे जुड़ी प्रक्रियाओं को लेकर कई बार आपत्तियां दर्ज कराई थीं। इन आपत्तियों में मतदाता सूची की प्रक्रिया, डेटा एक्सेस और प्रशासनिक फैसलों से जुड़े मुद्दों का जिक्र किया गया था।

चुनाव आयोग ने क्या कहा?

चुनाव आयोग ने इन दावों को संस्थागत मतभेद के तौर पर पेश किए जाने से इनकार किया है। आयोग का कहना है कि किसी बहु-सदस्यीय संवैधानिक संस्था में संचालन संबंधी सवाल, सुझाव और आंतरिक फीडबैक सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं।आयोग ने यह भी कहा है कि SIR से जुड़े अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे।

CEC को हटाने की प्रक्रिया क्या है?

मुख्य चुनाव आयुक्त को उनके पद से हटाने की प्रक्रिया कानून में तय है। मुख्य चुनाव आयुक्त एवं अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023 के अनुसार, CEC को हटाने के लिए संसद में विशेष बहुमत से प्रस्ताव पारित होना और उसके बाद राष्ट्रपति की मंजूरी जरूरी होती है।इसके अलावा, आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन से जुड़े कार्यों के संबंध में CEC को कानूनी संरक्षण भी प्राप्त है।

देशभर में विपक्ष का विरोध

SIR को लेकर कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल भी चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। बिहार, दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं, जहां चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं।