फरीदाबाद: धर्म प्रतिष्ठान एवं बंधुआ मुक्ति मोर्चा के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को महर्षि दयानंद कॉलोनी, ग्रीन फील्ड, सेक्टर-43, बी ब्लॉक, फरीदाबाद, हरियाणा में विश्व प्रसिद्ध आर्य संन्यासी एवं बंधुआ मुक्ति मोर्चा के संस्थापक पूज्य स्वामी अग्निवेश के 87वें जन्मदिवस एवं विश्व शांति दिवस के अवसर पर सामाजिक न्याय एवं कार्यकर्ता सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।

स्वामी आर्यवेश की अध्यक्षता में स्वामी अग्निवेश के जीवन और संघर्षों का स्मरण

कार्यक्रम की अध्यक्षता बंधुआ मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी आर्यवेश ने की। इस अवसर पर उन्होंने स्वामी अग्निवेश  के जीवन, संघर्ष, तपस्या और सामाजिक सरोकारों का भावपूर्ण स्मरण करते हुए उनके योगदान का विस्तार से वर्णन किया।स्वामी आर्यवेश जी ने कहा कि स्वामी अग्निवेश जी ने अपना संपूर्ण जीवन मानवता, सामाजिक न्याय, बंधुआ मजदूरी के उन्मूलन, श्रमिकों के अधिकारों तथा वंचित एवं शोषित वर्गों की आवाज को बुलंद करने के लिए समर्पित किया। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया और सामाजिक परिवर्तन के लिए निरंतर संघर्ष किया। उनकी तपस्या, त्याग, सेवा और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं उन्होंने कहा कि स्वामी अग्निवेश का जीवन मानवाधिकार, समानता, न्याय और शोषणमुक्त समाज के निर्माण के लिए समर्पित एक सतत संघर्ष की प्रेरणादायी यात्रा रहा।

वक्ताओं ने बंधुआ मजदूरी के खिलाफ उनके ऐतिहासिक संघर्ष को सराहा

रघुबीर शास्त्री ने कहा कि बंधुआ मजदूरी के खिलाफ उनके संघर्ष ने देश-विदेश में इस गंभीर सामाजिक समस्या को प्रमुखता से उठाया और बंधुआ मजदूरों की मुक्ति के अभियान को मजबूती प्रदान की।ऋषिपाल आर्य ने कहा 'स्वामी अग्निवेश ने अपना जीवन बंधुआ मजदूरी, शोषण और सामाजिक अन्याय के विरुद्ध संघर्ष में समर्पित किया। आज उनकी कर्मभूमि में उन्हें स्मरण करना सच्ची श्रद्धांजलि है।सार्वदेशिक आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी आदित्यवेश ने कहा 'स्वामी अग्निवेश ने आर्य समाज की मानवतावादी परंपरा को सामाजिक संघर्षों से जोड़ा। बंधुआ मजदूरों की मुक्ति के लिए उनका संघर्ष आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरणा देता रहेगा।

लोगों के विचार

आर डी यादव ने कहा, 'स्वामी अग्निवेश ने वंचित और शोषित लोगों की आवाज बनकर सामाजिक न्याय का संदेश दिया। उनका जीवन बताता है कि संन्यास केवल साधना नहीं, बल्कि समाजसेवा का संकल्प भी है।”मानव सेवा प्रतिष्ठान के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल शास्त्री ने कहा “स्वामी अग्निवेश ने मजदूरों और बच्चों के अधिकारों के लिए जिस साहस से संघर्ष किया, वह सामाजिक चेतना का महत्वपूर्ण अध्याय है। उनकी स्मृति हमें सेवा और न्याय के लिए प्रेरित करती है।”मुकेंद्र आर्य ने कहा “स्वामी अग्निवेश ने बंधुआ मजदूरी के विरुद्ध संघर्ष करते हुए हजारों पीड़ित परिवारों को सम्मान और स्वतंत्रता का रास्ता दिखाया। उनकी कर्मभूमि पर जन्मदिवस कार्यक्रम उनके योगदान को नमन है।'

कार्यकर्ताओं का सम्मान और समाज के वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा का संकल्प

समारोह में सामाजिक न्याय एवं श्रमिक अधिकारों के लिए कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं के योगदान को सम्मानित किया गया। उपस्थित लोगों ने बंधुआ मजदूरी के पूर्ण उन्मूलन तथा समाज के वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में बंधुआ मुक्ति मोर्चा के कोषाध्यक्ष श्री विष्णु पाल , संगठन मंत्री स्वामी आदित्यवेश , कार्यकारिणी सदस्य श्री मकेन्द्र कुमार एवं श्री काशी राम , पाली क्रेशर जोन के प्रधान श्री रामशरण, बंधुआ मुक्ति मोर्चा फरीदाबाद के अध्यक्ष श्री मायाराम, सामाजिक कार्यकर्ता श्री ऋषिपाल भड़ाना, श्री भूप सिंह तथा मल्लिक डेरा की प्रधान श्रीमती विमला देवी, रामबीर आर्य, सोमदेव शास्त्री, सीताराम, मोहनलाल, किशोरी सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता, पदाधिकारी एवं बंधुआ मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।समारोह के अंत में उपस्थित सभी वक्ताओं एवं कार्यकर्ताओं ने स्वामी अग्निवेश जी के आदर्शों, विचारों और सामाजिक न्याय के संघर्ष को आगे बढ़ाने तथा उनके अधूरे सामाजिक सरोकारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।