चंडीगढ़: शिरोमणि अकाली दल (SAD) के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने सोमवार को पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर निशाना साधते हुए सरकारी मशीनरी, पुलिस और सार्वजनिक संपत्तियों के कथित दुरुपयोग के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पंजाब को अब विकास, शांति, सांप्रदायिक सौहार्द, सुरक्षा और युवाओं के लिए रोजगार की जरूरत है।
सरकारी संपत्तियों के कथित दुरुपयोग की जांच की मांग
सुखबीर बादल ने कहा कि सरकारी संसाधनों के कथित दुरुपयोग की उचित जांच होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि सरकारी संपत्तियों और आधिकारिक आवासों का इस्तेमाल बाहरी लोगों द्वारा किया जा रहा है।
बादल ने एक संपत्ति का भी जिक्र किया, जहां AAP नेता अरविंद केजरीवाल के ठहरने का उन्होंने दावा किया। उन्होंने संपत्ति के मालिक के बाद में पार्टी छोड़ने और पूरे घटनाक्रम की परिस्थितियों पर सवाल उठाए।
SAD प्रमुख ने कहा कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में लौटती है तो सरकारी संसाधनों के कथित दुरुपयोग की जांच कराई जाएगी और जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों से सार्वजनिक धन की वसूली की जाएगी।
‘पंजाब बचाओ’ रैली को लेकर जताया आभार
बादल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए राजासांसी विधानसभा क्षेत्र में हुई SAD की ‘पंजाब बचाओ’ रैली में शामिल लोगों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि माझा क्षेत्र में पार्टी के प्रति समर्थन दिखाई दिया। बादल ने रैली में शामिल लोगों को पंजाब के प्रति प्रेम और लगाव से जुड़ा बताते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं को बधाई दी।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले AAP पर हमला
पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सुखबीर बादल ने AAP सरकार पर राजनीतिक हमला तेज करते हुए कहा कि राज्य को किसी नए “प्रयोग” की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि पंजाब की प्राथमिकताएं विकास, शांति, सांप्रदायिक सौहार्द, सुरक्षा और रोजगार होनी चाहिए। उन्होंने पंजाब में SAD की सरकार की जरूरत की बात भी कही।
LPU हिंसा को लेकर पुलिस पर सवाल
सुखबीर बादल ने फगवाड़ा स्थित Lovely Professional University (LPU) में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन को लेकर भी सरकार और पुलिस पर सवाल उठाए। उन्होंने युवा प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई की आलोचना की और आरोप लगाया कि पुलिस का इस्तेमाल सरकार द्वारा किया जा रहा है।
LPU में सोशल मीडिया पर प्रसारित एक छात्रा के कथित यौन उत्पीड़न से जुड़ी खबरों के बाद प्रदर्शन शुरू हुए थे। बाद में प्रदर्शन हिंसक हो गए और परिसर में तोड़फोड़, आगजनी तथा पुलिस के साथ झड़प की घटनाएं सामने आईं। विश्वविद्यालय ने कथित घटना से जुड़ी रिपोर्टों को निराधार बताया है, जबकि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
LPU मामले में ‘बड़ी साजिश’ का दावा
इससे पहले सुखबीर बादल ने LPU में हुए घटनाक्रम के पीछे “बड़ी साजिश” होने का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान हथियार और वॉकी-टॉकी लेकर कुछ बाहरी लोग परिसर में मौजूद थे।
पंजाब पुलिस ने भी बताया है कि परिसर से वॉकी-टॉकी मिले हैं और बाहरी लोगों की संभावित भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस CCTV फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। हालांकि, किसी व्यापक साजिश का आरोप अभी जांच का विषय है और इसे स्थापित तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।
पुलिस ने LPU हिंसा की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है। वहीं हिंसा के बाद विश्वविद्यालय ने 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए नियमित कक्षाएं स्थगित कर दी हैं और मिड-टर्म परीक्षाएं भी अगले आदेश तक टाल दी हैं।
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