Gaya Pitru Paksha Mela: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को गया पहुंचकर पितृपक्ष मेले की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने विष्णुपद मंदिर में पूजा-अर्चना की और देवघाट पर श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं के लिए तैयार की गई टेंट सिटी का उद्घाटन भी किया।

मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, सम्राट चौधरी ने राज्य की शांति, समृद्धि और खुशहाली के लिए प्रार्थना की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि देश-विदेश से गया पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

'अतिथि देवो भव' की परंपरा के साथ श्रद्धालुओं का स्वागत हो
टेंट सिटी के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पितृपक्ष मेला सनातन संस्कृति में आस्था, पूर्वजों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि देश और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु गया में पिंडदान और तर्पण के लिए पहुंचते हैं। सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में 'अतिथि देवो भव' की परंपरा रही है। पितृपक्ष मेले में आने वाले श्रद्धालुओं और अतिथियों का पूरे सम्मान के साथ स्वागत किया जाना चाहिए। उन्होंने घाटों, आवास, पेयजल, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए।

मोबाइल ऐप और तकनीक से मिलेगी श्रद्धालुओं को जानकारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि पितृपक्ष के दौरान पुनपुन और गया दोनों जगहों पर श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाएं की जा रही हैं। अलग-अलग राज्यों से आने वाले लोगों की सुविधा के लिए तकनीक और मोबाइल एप्लिकेशन का इस्तेमाल किया जा रहा है। श्रद्धालुओं को उनकी भाषा में जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि गया में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

विष्णुपद कॉरिडोर पर 3,500 करोड़ रुपये खर्च
मुख्यमंत्री ने विष्णुपद कॉरिडोर परियोजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों को मिलाकर इस परियोजना पर कुल करीब 3,500 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसमें कॉरिडोर के विकास के लिए करीब 2,500 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। उन्होंने इसे राज्य में मंदिर के विकास से जुड़ी बड़ी परियोजनाओं में से एक बताया।

बोधगया में 20 हजार करोड़ के औद्योगिक निवेश की उम्मीद
सम्राट चौधरी ने बिहार में औद्योगिक विकास को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बोधगया में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) शुरू किया जा रहा है। उनके मुताबिक, इस साल अक्टूबर से करीब 20,000 करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश के आकार लेने की उम्मीद है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

इसके अलावा गया और आसपास के इलाकों में सिंचाई तथा पानी की उपलब्धता सुधारने के लिए सोन नदी से फल्गु नदी तक पानी पहुंचाने की करीब 1,000 करोड़ रुपये की परियोजना पर भी काम चल रहा है।

गया से अंतरराष्ट्रीय एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने गया एयरपोर्ट को बिहार के प्रमुख हवाई अड्डों में शामिल बताते हुए कहा कि गया को इंडोनेशिया, बैंकॉक, खाड़ी देशों और अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर हवाई कनेक्टिविटी से पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

एक करोड़ 'लखपति दीदी' बनाने का लक्ष्य
शिक्षा के क्षेत्र में मॉडल स्कूल, ऑनलाइन कक्षाओं और 'विद्यार्थी साथी ऐप' जैसी पहलों का भी मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने जीविका के माध्यम से एक करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा है और अब तक 43 लाख महिलाएं यह दर्जा हासिल कर चुकी हैं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने डाक विभाग की ओर से पितृपक्ष के अवसर पर जारी विशेष डाक आवरण का विमोचन किया। इसके अलावा पंडा समुदाय द्वारा लिखित पुस्तक 'पचान तीर्थ गयाजी' का विमोचन और मानपुर पटवा टोली के बुनकरों द्वारा तैयार 'गयाजी धाम अंगवस्त्र' भी लॉन्च किया गया।

कार्यक्रम में केंद्रीय MSME मंत्री एवं गया सांसद जीतन राम मांझी, स्वास्थ्य मंत्री निशांत समेत कई मंत्री, विधायक, वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।