उत्तर प्रदेश: सपा पार्टी का ब्राह्मण चेहरा सांसद सनातन पांडे का बड़ा बयान सामने आया है। जिसमें उन्होंने ECI विवाद के बीच चुनाव आयोग के 2 सदस्यों द्वारा दिए बयान पर टिप्पणी कर पहले SIR को एक नया शब्द बताया। फिर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर बात कही।
सरकार का दबाव रहेगा
सांसद सनातन पांडे ने कहा कि ECI ने मानवता को स्वीकार कर लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास करते हुए, भारत का संविधान अक्षुण रहे, उस पर बयान दिया। आज की बैठक सत्ता पक्ष के दबाव में हुई है। ऐसे में ऊपरी दबाव तो रहेगा।
जब नियुक्ति ही निष्पक्ष नहीं हुई तो सरकार का दबाव रहेगा ही। ज्ञानेश कुमार का अगर भारत से लगाव है तो उन्हें इस्तीफा देकर अपनी बात रखने का काम करना चाहिए।
चुनाव लड़ने वालों की जिम्मेदारी
SIR को लेकर सांसद सनातन पांडे ने कहा कि यह एक नया शब्द आया है। चुनाव लड़ने वालों की भी यह जिम्मेदारी बनती है कि उनका वोट न कटे और दूसरों का फर्जी वोट ना बढ़े। इस पर आप आरोप नहीं लगा सकें।
इतना दिमाग न लगा सकें, इसलिए भाजपा ने SIR का बहाना किया। उसका मूल था विपक्ष के मतों को घटाना। 2004 को बीते आज 22 साल हो गए।
जिनके वोट कटे उनसे मिला बहुमत
SIR से पहले जिन लोगों ने हिंदुस्तान में बहुमत पाई है, वह बहुमत उन्हीं मतों के बदौलत है जिनके वोट काटे गए हैं। पहले भाजपा की सरकार को और देश के प्रधानमंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए था। उसके बाद SIR करवाना चाहिए था।
देश नहीं करेगा बर्दाश्त
इस सब के बाद लोकसभा व विधानसभा के चुनाव करवाने चाहिए थे। यह लोग अगर अपने द्वारा परिभाषित शब्दों का इस्तेमाल अपने फायदे के लिए करेंगे तो ये देश बहुत दिनों तक बर्दाश्त नहीं करेगा
हिटलरशाही नहीं लोकतंत्र से चलेगा देश
लोकतांत्रिक व्यवस्था में क्या होता है आपने श्रीलंका में देखा, बांग्लादेश में देखा और नेपाल में देखा। आपने हाल ही में छात्रों को भी देखा। यह 'हिटलरशाही' नहीं है। ये देश लोकतंत्र से चलेगा।