नई दिल्ली: दिल्ली में लंबे समय से निर्माणाधीन बरापुल्ला फेज-III कॉरिडोर अब जल्द ही आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। करीब 3.5 किलोमीटर लंबे चार लेन के एलिवेटेड कॉरिडोर को 29 सितंबर से यातायात के लिए खोलने की तैयारी है। इस परियोजना पर करीब 1,635 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।

कॉरिडोर के शुरू होने के बाद पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के बीच सफर करने वाले लोगों को सिग्नल और भीड़भाड़ वाले कई रास्तों से राहत मिलने की उम्मीद है। परियोजना का उद्देश्य दोनों हिस्सों के बीच तेज और सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है।

3.5 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में क्या खास?
बरापुल्ला फेज-III चार लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर है। इसे इस तरह विकसित किया गया है कि वाहनों को प्रमुख ट्रैफिक जंक्शनों और सिग्नलों से बचाते हुए आगे बढ़ने का रास्ता मिल सके।

कॉरिडोर में 9 लूप बनाए गए हैं। इन लूप के जरिए अलग-अलग दिशाओं से आने वाले वाहनों को कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे ट्रैफिक को एक ही स्थान पर केंद्रित होने से रोकने और वाहनों की आवाजाही को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

साइकिल सवारों और पैदल यात्रियों के लिए भी सुविधा
इस परियोजना में सिर्फ वाहनों की आवाजाही को ध्यान में नहीं रखा गया है। कॉरिडोर में साइकिल ट्रैक और फुटपाथ भी बनाए गए हैं। इससे पैदल यात्रियों और साइकिल सवारों को अलग जगह मिल सकेगी। साथ ही, कॉरिडोर के आसपास पैदल और साइकिल से आने-जाने वालों के लिए कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।

2014 में मिली थी मंजूरी, 2017 तक पूरा होना था
बरापुल्ला फेज-III परियोजना को 2014 में मंजूरी मिली थी। शुरुआती योजना के मुताबिक इसे 2017 तक पूरा किया जाना था। हालांकि जमीन अधिग्रहण, पर्यावरणीय मंजूरियों और निर्माण संबंधी विभिन्न चुनौतियों के चलते परियोजना में देरी हुई। निर्माण में देरी के साथ परियोजना की लागत भी बढ़ी। शुरुआती अनुमान के मुताबिक इसका बजट करीब 1,261 करोड़ रुपये था, जो बाद में बढ़कर करीब 1,635 करोड़ रुपये हो गया।

पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी होगी बेहतर
बरापुल्ला-III के चालू होने के बाद पूर्वी दिल्ली और दक्षिणी दिल्ली के बीच सड़क संपर्क को नया विकल्प मिलेगा। खासतौर पर रोजाना इन इलाकों के बीच आने-जाने वाले लोगों को इसका फायदा मिल सकता है।

29 सितंबर से कॉरिडोर पर यातायात शुरू होने के बाद यह देखना अहम होगा कि इससे आसपास की सड़कों पर ट्रैफिक दबाव और यात्रियों के सफर के समय में कितना बदलाव आता है।

दिल्ली के ट्रैफिक के लिए क्यों अहम है परियोजना?
दिल्ली में बढ़ते ट्रैफिक के बीच एलिवेटेड कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं का उद्देश्य प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही को अधिक सुचारु बनाना है। बरापुल्ला फेज-III के जरिए पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के बीच एक अतिरिक्त तेज कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।

परियोजना के नौ लूप, चार लेन का एलिवेटेड मार्ग, फुटपाथ और साइकिल ट्रैक इसे केवल एक सड़क परियोजना के बजाय मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण बनाते हैं।