UGC Rules Protest Varanasi: वाराणसी में अपनी मांगों को लेकर चल रहा धरना अब 24वें दिन में पहुंच गया है। वरुणा नदी के शास्त्री घाट पर चल रहे इस आंदोलन में अब कुछ आंदोलनकारी भूख हड़ताल पर भी बैठ गए हैं। बताया जा रहा है कि गौतम मिश्रा बल्लू, सनातनी चंदन बाबा और बृजेश मिश्रा पिछले दो दिनों से भूख हड़ताल कर रहे हैं।

आंदोलनकारियों का कहना है कि लंबे समय से धरना देने के बावजूद उनकी मांगों पर शासन और प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। इसी के बाद आंदोलनकारियों ने भूख हड़ताल शुरू करने का फैसला लिया है।

आरक्षण व्यवस्था में सुधार और यूजीसी के नियम वापस लेने की मांग

धरने पर बैठे लोगों की प्रमुख मांगों में आरक्षण व्यवस्था में सुधार, संवैधानिक सवर्ण आयोग का गठन और यूजीसी से जुड़े कुछ प्रावधानों को वापस लेने की मांग शामिल है। आंदोलनकारी इन मुद्दों को लेकर लगातार अपनी आवाज उठा रहे हैं।मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यह धरना 29 अगस्त से चल रहा है। 15 सितंबर को धरना 18वें दिन में पहुंच गया था और आंदोलनकारियों ने 20 सितंबर को बड़े शक्ति प्रदर्शन का भी ऐलान किया था।

प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में आंदोलन

यह आंदोलन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में चल रहा है। आंदोलनकारियों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए धरने पर बैठे हैं।धरने में शामिल लोगों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से बातचीत या कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। इससे पहले भी आंदोलनकारियों की ओर से कहा गया था कि मांगों पर सुनवाई नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

भूख हड़ताल से बढ़ा आंदोलन

24 दिन से चल रहे धरने के बीच अब तीन लोगों के भूख हड़ताल पर बैठने से आंदोलन का स्वरूप और गंभीर हो गया है। गौतम मिश्रा बल्लू, सनातनी चंदन बाबा और बृजेश मिश्रा भूख हड़ताल पर हैं।आंदोलनकारियों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने के बजाय शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखेंगे।