कोलकाता: बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग से जुड़े विवाद को लेकर ममता बनर्जी और विपक्ष पर निशाना साधा। 28 सितंबर को अपने दो दिवसीय पश्चिम बंगाल दौरे के दूसरे दिन नबीन ने ANI से बातचीत में कहा कि चुनाव आयोग पर सवाल उठाने को लेकर विपक्ष का रवैया एक जैसा नहीं है।
नितिन नबीन ने ममता बनर्जी की आलोचना को लेकर कहा कि वह इसे “हताशा और निराशा” के तौर पर देखते हैं। उन्होंने दावा किया कि जब कांग्रेस के नेतृत्व वाला विपक्ष केरल, तमिलनाडु या कर्नाटक जैसे राज्यों में चुनाव जीतता है, तब चुनाव आयोग पर सवाल नहीं उठाए जाते, लेकिन पश्चिम बंगाल और गुजरात में हार के बाद आयोग पर आरोप लगाए जाते हैं।
नबीन ने कहा, “ऐसा दोहरा रवैया नहीं चलेगा।” उन्होंने TMC और विपक्ष से चुनावी नतीजों की समीक्षा करने की बात भी कही। (MATV)
SIR को लेकर क्या है विवाद?
पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर राजनीतिक विवाद चल रहा है। ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की इस प्रक्रिया की आलोचना की है और आरोप लगाया है कि इसका उद्देश्य बीजेपी को फायदा पहुंचाना है। वहीं बीजेपी की ओर से इन आरोपों को खारिज करते हुए विपक्ष पर चुनाव आयोग को लेकर चयनात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगाया जा रहा है।
नबीन ने राहुल गांधी और विपक्ष पर भी साधा निशाना
नितिन नबीन ने चुनाव आयोग के मुद्दे पर राहुल गांधी और अन्य विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने हमेशा संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान किया है। उनके मुताबिक चुनाव आयोग पर सवाल उठाने के बजाय विपक्ष को अपने चुनावी प्रदर्शन और राजनीतिक रणनीति की समीक्षा करनी चाहिए।
पश्चिम बंगाल दौरे पर क्या बोले नबीन?
नबीन ने अपने दो दिवसीय पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान संगठनात्मक बैठकों और लोगों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने राज्य की राजनीति के अलावा युवाओं, रोजगार, खेल और संस्कृति से जुड़े मुद्दों पर भी बात की।
कोलकाता में आयोजित Yuva Samvad Conclave में नबीन ने युवाओं को लेकर कहा कि उन्हें सिर्फ नौकरी तलाशने वालों के तौर पर नहीं, बल्कि रोजगार पैदा करने वालों के रूप में भी देखा जाना चाहिए। उन्होंने स्टार्टअप इकोसिस्टम का भी जिक्र किया। वहीं SIR और चुनाव आयोग को लेकर नबीन की टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज है।