Ballia Greenfield Expressway: बहुप्रतीक्षित बलिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का पैकेज-1 एक अक्तूबर से आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। पहले चरण में चेनज 0+000 से 34+773 तक करीब 34 किलोमीटर हिस्से पर वाहनों का आवागमन शुरू होगा। एनएचआई ने इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। 30 सितंबर की रात इस हिस्से पर ट्रायल रन होगा और इसके बाद एक अक्तूबर से वाहन चल सकेंगे।
98 फीसदी काम पूरा, सेफ्टी ऑडिट अंतिम दौर में
पैकेज-1 का निर्माण कार्य करीब 98 फीसदी पूरा हो चुका है। फाइनल सेफ्टी ऑडिट और रोड मार्किंग का काम अंतिम चरण में है। अधिकारियों के मुताबिक 30 सितंबर तक जरूरी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी। एक्सप्रेसवे के इस हिस्से के खुलने से इससे जुड़े शहरों के बीच यात्रा का समय करीब 40 मिनट तक कम होने की उम्मीद है। यातायात संचालन के लिए टोल प्लाजा, एंबुलेंस, क्रेन और हाईवे पेट्रोलिंग की व्यवस्था की गई है। एक्सप्रेसवे पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा 100 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है।
इन रास्तों से मिलेगा एक्सप्रेसवे पर प्रवेश
गाजीपुर जिले से गुजरने वाले एक्सप्रेसवे पर सराय बांदी के पास विभिन्न सड़कों से चढ़ने और उतरने की व्यवस्था की गई है। इनमें वाराणसी-गोरखपुर हाईवे से गाजीपुर-कासिमाबाद रोड, यूसुफपुर-कासिमाबाद रोड, परसा-बाराचवर ब्लॉक रोड, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे फ्लाईओवर और लटुडीह-प्रधानपुर रोड शामिल हैं। लखनऊ की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए भी कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी।
हाईवे पर पैदल चलने और साइकिल चलाने से बचें
एनएचआई आजमगढ़ के पीडी इं. पीयूष अग्रवाल ने लोगों से एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मुख्य मार्ग पर पैदल चलना, जॉगिंग करना, साइकिल चलाना या खेलना दुर्घटना की दृष्टि से बेहद जोखिमपूर्ण हो सकता है। लोगों से अपनी और परिवार की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसी गतिविधियों से बचने को कहा गया है। वहीं इस संबंध में आजमगढ़ एनएचआई पीडी इं. पीयूष अग्रवाल के मुताबिक, हाईवे के चेनज 0+000 से 34+773 तक के हिस्से पर वाहनों का आवागमन संचालित किया जाएगा। सेफ्टी क्लीयरेंस मिल गई है। 30 सितंबर की रात ट्रायल रन होगा और एक अक्तूबर से वाहन चल सकेंगे।