लखीमपुर खीरी: पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वांचल से सीधे जोड़ने की दिशा में शाहजहांपुर से कुशीनगर तक प्रस्तावित 711 किलोमीटर लंबा नेशनल हाईवे अहम परियोजना साबित हो सकता है। इस हाईवे के बनने से पश्चिमी यूपी से पूर्वांचल तक आवागमन आसान होने के साथ यात्रा का समय भी कम होने की उम्मीद है। परियोजना में शाहजहांपुर, लखीमपुर, सीतापुर और बहराइच होते हुए मार्ग गोरखपुर के रास्ते कुशीनगर तक पहुंचेगा।
खीरी में 74 किलोमीटर का हिस्सा
प्रस्तावित हाईवे का करीब 74 किलोमीटर हिस्सा लखीमपुर खीरी जिले से होकर गुजरेगा। यह मार्ग महेशपुर वन रेंज से होते हुए कादीपुर सानी, मूसेपुर खुर्द, गोला गोकर्णनाथ, बेहजम, सिकंदराबाद, ओयल, झसिया-कटिया, मोहाला और नकहा क्षेत्र की ओर जाएगा। मार्ग में रेलवे लाइन के ऊपर से भी हाईवे को गुजारा जाना प्रस्तावित है।
वन और रेलवे विभाग से एनओसी की प्रक्रिया शुरू
परियोजना की तैयारियों के तहत हाईवे की जद में आने वाले वन क्षेत्रों के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नेशनल हाईवे निर्माण से जुड़ी कंपनी इंटरनेशनल कॉन्टिनेंटल टेक्नो के पर्यावरण विशेषज्ञ दुर्गेश शुक्ला ने इसके लिए प्रक्रिया आगे बढ़ाई है।
परियोजना से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक वन विभाग और रेलवे से आवश्यक अनुमतियां लेने की प्रक्रिया चल रही है। एनओसी मिलने के बाद भूमि अधिग्रहण और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ होगा।
दीपावली के बाद शुरू हो सकता है जमीनी काम
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से जुड़े सूत्रों के मुताबिक परियोजना की रूपरेखा और निर्माण संबंधी प्रक्रिया को दीपावली से पहले आगे बढ़ाया जा सकता है। वहीं नए साल के पहले सप्ताह में परियोजना के औपचारिक शुभारंभ की तैयारी की जा रही है।
निर्माण कंपनी के पर्यावरण विशेषज्ञ दुर्गेश शुक्ला के मुताबिक परियोजना के पहले चरण का काम शुरू हो चुका है। उन्होंने बताया कि दीपावली के बाद मौके पर निर्माण से जुड़ी गतिविधियां शुरू करने की तैयारी है।
पश्चिम से पूर्वांचल तक कनेक्टिविटी होगी मजबूत
711 किलोमीटर लंबे इस प्रस्तावित हाईवे से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल के बीच सीधी कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है। लखीमपुर खीरी समेत आसपास के जिलों में आवागमन बेहतर होने के साथ व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावना है।