Gwalior News: केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार को ग्वालियर के महाराजवाड़ा में निर्माणाधीन मल्टीलेवल कार पार्किंग परियोजना का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि परियोजना का काम तेजी से चल रहा है और इसे फरवरी-मार्च 2027 तक पूरा किए जाने की उम्मीद है।

सिंधिया ने कहा कि पार्किंग के बेसमेंट में पानी जमा होने का मुद्दा महत्वपूर्ण है। इसे लेकर प्रशासन और निर्माण कंपनी को पूरी सावधानी के साथ फैसला लेना होगा। उन्होंने कहा कि पानी के दबाव और जमा होने की स्थिति का उचित अध्ययन करने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जानी चाहिए।

चंबल-कोतवाल जल परियोजना पर भी बोले सिंधिया
सिंधिया ने ग्वालियर के लिए महत्वाकांक्षी चंबल-कोतवाल जल परियोजना की प्रगति की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 में मंजूर हुई यह परियोजना अब धीरे-धीरे आकार ले रही है। उन्होंने रविवार को चंबल इंटेक वेल, देवरी सम्प वेल, कोतवाल सम्प वेल और टांसेन स्क्वायर तक बनने वाली करीब 31 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन का निरीक्षण किया।

यह पाइपलाइन टांसेन स्क्वायर से मोतीझील और जलालपुर स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़ेगी। इसके बाद ग्वालियर में पानी की सप्लाई के लिए वितरण नेटवर्क विकसित किया जाएगा।

पुराने और नए वार्डों में होगा काम
सिंधिया के मुताबिक, परियोजना के तहत दो प्रमुख काम किए जा रहे हैं। पुराने वार्डों में मौजूदा जल वितरण नेटवर्क का नवीनीकरण किया जाएगा, जबकि ग्वालियर में हाल ही में जोड़े गए छह नए वार्डों में नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी।

नई पाइपलाइनों के लिए करीब 900 करोड़ रुपये और पुराने नेटवर्क के नवीनीकरण के लिए करीब 1,100 करोड़ रुपये की जरूरत होगी। उन्होंने बताया कि छह नए वार्डों के लिए 500 करोड़ रुपये मिल चुके हैं और काम जारी है। वहीं, चंबल से ग्वालियर के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक पानी पहुंचाने के लिए वितरण पाइपलाइन के लिए 550 करोड़ रुपये भी प्राप्त हो चुके हैं।

टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन का भी किया था निरीक्षण
केंद्रीय मंत्री ने रविवार को ग्वालियर में प्रस्तावित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन का भी निरीक्षण किया था। यह परियोजना टेलीकॉम और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग तथा इनोवेशन के लिए आधुनिक औद्योगिक क्लस्टर के रूप में विकसित की जा रही है।