पटना: जन सुराज पार्टी ने तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद (MLC) चुनाव के लिए अपने उम्मीदवार को बदल दिया है। पार्टी ने पहले घोषित उम्मीदवार की जगह अब श्याम नंदन कुमार यादव को प्रत्याशी बनाया है। यह फैसला मुजफ्फरपुर में एक बैठक के दौरान शिक्षकों को लेकर पूर्व उम्मीदवार की कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद लिया गया।
जन सुराज के राज्य अध्यक्ष मनोज भारती ने नए उम्मीदवार के नाम की घोषणा करते हुए कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं से मिले संदेशों के आधार पर तिरहुत क्षेत्र के शिक्षक चुनाव के लिए श्याम नंदन कुमार यादव को उम्मीदवार बनाने का निर्णय लिया गया है।
18 साल भारतीय सेना में दी सेवा
श्याम नंदन कुमार यादव के बारे में जानकारी देते हुए मनोज भारती ने कहा कि उनका परिवार लंबे समय से सामाजिक सेवा से जुड़ा रहा है। उन्होंने बताया कि यादव परिवार कुढ़नी प्रखंड में रहता है और उनके छोटे भाई शहीद प्रमोद यादव ने कारगिल युद्ध में देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। उन्हें सेना मेडल से भी सम्मानित किया गया था।
मनोज भारती के अनुसार, इसके बाद से परिवार सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहा है और स्कूल तथा प्रशिक्षण संस्थान भी संचालित करता है। श्याम नंदन कुमार यादव वर्तमान में एक स्कूल के प्रधानाचार्य हैं। वह शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालयों से जुड़े एक संगठन के राज्य सचिव और बिहार पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के राज्य उपाध्यक्ष भी हैं।
उम्मीदवार बनाए जाने के बाद श्याम नंदन यादव ने पार्टी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने भारतीय सेना में 18 वर्षों तक सेवा की है और उनका परिवार लंबे समय से सामाजिक कार्यों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल MLC बनना नहीं है, बल्कि एक कार्यकर्ता के रूप में लोगों की आवाज उठाना है।
शिक्षकों पर टिप्पणी के बाद बदला उम्मीदवार
जन सुराज के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरव कुमार ने उम्मीदवार बदले जाने की वजह स्पष्ट करते हुए कहा कि मुजफ्फरपुर में पार्टी के एक सहयोगी भूषण की ओर से शिक्षकों को लेकर की गई टिप्पणी स्वीकार्य नहीं थी।
सौरव कुमार के मुताबिक, बैठक के दौरान शिक्षकों को लेकर यह टिप्पणी की गई कि “शिक्षकों के पास क्या है? उन्हें तो सिर्फ अपना पेट भरने की चिंता है।” पार्टी ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई।
उन्होंने कहा कि जन सुराज चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव लड़ रहा है और ऐसे में शिक्षकों के बारे में इस तरह की टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती। पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह शिक्षकों की आलोचना या प्रशंसा से अलग, शिक्षकों के सम्मान और उनके मुद्दों को लेकर अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखेगी।
शिक्षकों से जुड़े मुद्दों पर पार्टी ने जताई प्रतिबद्धता
सौरव कुमार ने कहा कि जन सुराज केवल चुनाव जीतने के उद्देश्य से राजनीति में नहीं है। उन्होंने शिक्षकों के कल्याण से जुड़े पार्टी के तीन सूत्रीय एजेंडे का भी उल्लेख किया, जिसमें 7वें वेतन आयोग से संबंधित मांगें और शिक्षा व्यवस्था में संरचनात्मक सुधार जैसे मुद्दे शामिल हैं। पार्टी ने कहा कि शिक्षकों के समुदाय के खिलाफ किसी भी आपत्तिजनक टिप्पणी का वह आगे भी विरोध करेगी।
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