कर्नाटक के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री एच. के. पाटिल ने गदग तालुक को सूखाग्रस्त क्षेत्र घोषित किए जाने की मांग को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि 10 अक्टूबर तक गदग तालुक को सूखा प्रभावित घोषित नहीं किया गया, तो वह विधायक पद से इस्तीफा दे देंगे। हालांकि, पाटिल ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी कोशिश रहेगी कि सरकार 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती से पहले ही इस संबंध में फैसला करें।
किसानों के बीच रखी अपनी बात
किसानों और स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए पाटिल ने कहा कि वह इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेंगे और सरकार से जल्द निर्णय कराने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। उनका कहना था कि अगले कुछ दिनों में इस दिशा में जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
पाटिल ने इस जिले को दी प्राथमिकता
पाटिल ने कहा कि उनकी प्राथमिकता है कि गदग जिले को जल्द से जल्द सूखा प्रभावित क्षेत्र का दर्जा मिले, उन्होंने चेतावनी दी कि यदि गदग तालुक सूखा घोषित किए जाने के तय मानकों पर खरा उतरता है और इसके बावजूद किसी स्तर पर घोषणा में बाधा डाली जाती है, तो वह विधायक पद छोड़ने का फैसला ले सकते हैं।
कर्नाटक में सूखे की स्थिति का आकलन जारी
कर्नाटक सरकार राज्य के अलग-अलग हिस्सों में सूखे की स्थिति का आकलन करने के लिए सर्वेक्षण और जमीनी जांच करा रही है। सरकार के मुताबिक अब तक राज्य की 124 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया जा चुका है। राजस्व विभाग का प्रभार संभाल रहे उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर के अनुसार, आने वाले समय में सूखाग्रस्त घोषित की जाने वाली तहसीलों की संख्या 200 से अधिक हो सकती है, उन्होंने संकेत दिया कि स्थिति का आकलन पूरा होने के साथ अन्य तहसीलों को भी इस सूची में शामिल किया जा सकता है।
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कर्नाटक में 124 तालुक सूखाग्रस्त घोषित
सरकार के अनुसार, पहले चरण में 101 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया गया था। इसके बाद 24 अन्य तालुकों को भी इस सूची में जोड़ा गया। अब अगले तीन से चार दिनों में करीब 52 और तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित किए जाने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा करीब 50 अन्य तालुकों में जमीनी स्तर पर स्थिति की दोबारा जांच की जाएगी। इस ग्राउंड-ट्रूथिंग के बाद उपलब्ध आंकड़ों और आकलन के आधार पर यह तय किया जाएगा कि इन क्षेत्रों को भी सूखा प्रभावित घोषित किया जाए या नहीं।