Devendra Fadnavis Statement: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों पर सवाल उठाए हैं। फडणवीस ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि जिन क्षेत्रों में SIR के दौरान बड़ी संख्या में वोटर हटाए जाने की बात कही गई, उनमें से कई सीटों पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने जीत दर्ज की।

फडणवीस ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पश्चिम बंगाल में कम से कम 15 ऐसे क्षेत्र हैं, जहां SIR के दौरान बड़ी संख्या में वोट कम किए गए और इसके बावजूद TMC वहां चुनाव जीतने में सफल रही। उन्होंने सवाल किया कि अगर SIR का इस्तेमाल कथित तौर पर बीजेपी विरोधी वोट हटाने के लिए किया गया था, तो इन सीटों पर TMC कैसे जीत गई?

फडणवीस बोले- राजनीतिक दलों को आपत्ति दर्ज कराने का अधिकार
फडणवीस ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में राजनीतिक दलों को बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त करने और मतदाता सूची में नामों को लेकर आपत्ति दर्ज कराने का अवसर मिलता है। जिन पात्र मतदाताओं के नाम सूची से छूट जाते हैं, उनके पास भी नाम शामिल कराने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा करने का विकल्प होता है। चुनाव आयोग के पश्चिम बंगाल SIR रिकॉर्ड के मुताबिक, प्रक्रिया में दावे और आपत्तियां दाखिल करने के प्रावधान रखे गए थे। आयोग ने SIR का उद्देश्य पात्र मतदाताओं को शामिल करना और अपात्र नामों को हटाना बताया है।

‘वोट चोरी’ के आरोप पर राहुल गांधी पर निशाना
फडणवीस ने राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ संबंधी आरोपों पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाकर संवैधानिक संस्थाओं के प्रति लोगों के मन में अविश्वास पैदा करने की कोशिश की जा रही है। फडणवीस ने चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट, RBI और CAG जैसी संस्थाओं को लेकर उठाए जा रहे सवालों का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की ओर से चुनावी व्यवस्था पर सवाल उठाने के बजाय निर्धारित प्रक्रिया में पूरी तरह भाग लेना चाहिए।

SIR पर चुनाव आयोग के सामने भी उठे सवाल
पश्चिम बंगाल में SIR को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है। चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि SIR के दौरान करीब 27.16 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए, जिनमें से 22 लाख से अधिक लोगों ने दोबारा नाम शामिल कराने के लिए अपील की। आयोग के अनुसार, हटाए गए नामों में मृत, स्थानांतरित, अनुपस्थित और डुप्लीकेट मतदाताओं से जुड़े मामले शामिल थे। आयोग के आधिकारिक रिकॉर्ड में यह भी बताया गया है कि SIR के दौरान दावे और आपत्तियों के लिए प्रक्रिया उपलब्ध कराई गई थी।

चुनाव आयोग की बैठक का भी किया जिक्र
फडणवीस ने शनिवार को चुनाव आयोग की बैठक का उल्लेख करते हुए कहा कि तीनों चुनाव आयुक्तों के रुख से SIR को लेकर चल रहे विवाद पर स्थिति स्पष्ट हुई है। उनके मुताबिक, SIR से जुड़े फैसले सामूहिक और सर्वसम्मति से लिए गए। उन्होंने चुनाव आयोग के एक पत्र का जिक्र करते हुए कहा कि कैबिनेट सचिव को भेजा गया पत्र प्रतिनियुक्ति पर नियुक्ति से संबंधित था, न कि किसी नीतिगत फैसले से।

फडणवीस ने राहुल गांधी के पुराने राजनीतिक बयानों का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता लगातार संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाकर लोगों के बीच अविश्वास का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को चुनावी व्यवस्था पर अविश्वास पैदा करने के बजाय उपलब्ध कानूनी और चुनावी प्रक्रियाओं का इस्तेमाल करना चाहिए।