कोझिकोड: केरल के भविष्य के विकास के लिए नई दिशाओं और अवसरों की पहचान करने के उद्देश्य से आयोजित दो दिवसीय रणनीतिक नेतृत्व कार्यशाला ‘रीइमैजिनिंग केरलम’ शनिवार को कोझिकोड स्थित IIM केरलम परिसर में जारी रही। कार्यशाला में मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन के साथ राज्य मंत्रिमंडल के सदस्यों ने भी हिस्सा लिया।
कार्यशाला के दौरान मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन को IIM कोझिकोड परिसर के अर्जुन पथ पर मंत्रियों के साथ सेल्फी लेते हुए देखा गया। उन्होंने इस हल्के-फुल्के पल को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा करते हुए कैप्शन लिखा, “Learning together, leading together.”
IIM कोझिकोड में हुई महत्वपूर्ण चर्चा
भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) कोझिकोड द्वारा आयोजित यह कार्यशाला शुक्रवार को शुरू हुई थी। मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया था।
कार्यशाला में सभी कैबिनेट मंत्रियों के अलावा मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न सत्रों में भाग लिया। पहले दिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और गवर्नेंस, स्वास्थ्य एवं कल्याण, जलवायु परिवर्तन से निपटने की क्षमता, आपदा प्रबंधन, बढ़ती उम्र की आबादी और केरल के भविष्य के आर्थिक अवसरों जैसे विषयों पर चर्चा हुई। IIM कोझिकोड के फैकल्टी सदस्यों के साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने इन सत्रों का नेतृत्व किया।
112.5 एकड़ में फैले IIM परिसर का किया दौरा
मुख्यमंत्री सतीशन ने X पर एक पोस्ट में बताया कि IIM कोझिकोड के निदेशक प्रो. देबाशीष चटर्जी ने उन्हें कुनामंगलम स्थित 112.5 एकड़ में फैले पहाड़ी परिसर का दौरा कराया।
उन्होंने IIM कोझिकोड को अकादमिक उत्कृष्टता, शोध और संस्थागत नेतृत्व का प्रमुख केंद्र बताते हुए कहा कि क्षेत्रीय विकास को उच्चस्तरीय प्रबंधन विशेषज्ञता से जोड़ने वाली ऐसी चर्चाएं केरल के लिए भविष्य की ओर देखने वाली और टिकाऊ ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
अर्थव्यवस्था, रोजगार और कौशल विकास पर फोकस
कार्यशाला के दूसरे दिन केरल की आर्थिक और वित्तीय नींव को मजबूत करने, रोजगार, उद्यमिता, कौशल विकास, उच्च शिक्षा और वैश्विक स्तर पर केरल की ब्रांड पहचान को बेहतर बनाने जैसे मुद्दों पर मुख्य रूप से चर्चा की गई।
‘रीइमैजिनिंग केरलम’ का उद्देश्य आधुनिक प्रबंधन विचारों, अकादमिक शोध और अंतरराष्ट्रीय अनुभवों का उपयोग करते हुए केरल के दीर्घकालिक विकास के लिए रणनीतिक विचार और व्यावहारिक कार्ययोजनाएं तैयार करना है।
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