Bihar News: बिहार में महिला सुरक्षा के दावे इस समय कुछ ओर ही हकीकत बंया कर रहे हैं। पहले जमुई फिर समस्तीपुर और अब बांका का मंदार हिल...आखिर कब तक महिलाओं व बच्चियों के साथ अभद्रता और खुलेआम छेड़छाड़ जैसी वारदाते होती रहेंगी। शुक्रवार को बिहार के बांका में स्थिति ऐतिहासिक मंदार हिल पर एक नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ और मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो गया।
जिसके बाद बिहार पुलिस और प्रशासन के साथ-साथ सरकार की जमकर आलोचना की गई। सरकार को घेरने की इस कड़ी में राष्ट्रीय जनता दल व विपक्षी नेता तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार पर हमला कर राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाकर बहती गंगा में हाथ धोने का काम किया है।
जमुई और समस्तीपुर के बाद अब बांका में...
तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार से सवाल करते हुए कहा कि जमुई और समस्तीपुर में हाल ही में सामने आए मामलों के बीच हुई है, और उन्होंने आरोप लगाया है कि यह राज्य सरकार महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल हो रही है। जमुई और समस्तीपुर की घटनाओं के बाद बांका में ऐतिहासिक पर्यटन स्थल मंदार हिल पर नाबालिग से अभद्रता और मारपीट का वीडियो वायरल हो रहा है। बिहार में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो चुकी है।
X पर तेजस्वी ने किया पोस्ट
बांका मामले में तेजस्वी यादव ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करा। इसमें तेजस्वी यादव ने जमुई और समस्तीपुर मामलों की जांच की प्रगति पर भी सवाल उठाया और पूछा कि बांका की घटना के आरोपियों को कब गिरफ्तार किया जाएगा। जमुई कांड में बचे हुए पांच आरोपियों का क्या हुआ? समस्तीपुर कांड में 4 आरोपियों को आंशिक सजा मिली पूरी सजा क्यों नहीं मिली या उन्हें राजनीतिक समीकरणों के आधार पर छोड़ दिया गया?
तेजस्वी ने सीएम से मांगा जवाब
तेजस्वी ने यह भी पूछा कि बिहार में न्याय व्यवस्था आरोपियों की सामाजिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि से प्रभावित हो रही है। ऐसे में तेजस्वी यादव ने सीएम सम्राट चौधरी से जवाब मांगा है। जिसमें उन्होंने कहा कि बांका के इन दरिंदों को कब पकड़ा जाएगा? क्या सीएम उनके सोशल मीडिया रील्स और जाति देखकर ही इस पर प्रतिक्रिया देंगे?
क्या बोली पुलिस
दरअसल बांका मामले में पुलिस की टिप्पणी सामने आई। जिसमें बांका पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि 22 सितंबर को सोशल मीडिया के जरिए मंदार हिल पर नाबालिग लड़की से कथित तौर पर अभद्र व्यवहार करने और उस पर हमला करने का वीडियो सामने आया था। वायरल वीडियो को संज्ञान में लेकर आरोपियों की पहचान की।
मामले में पुलिस ने 6 आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की कई है। भारतीय न्यास सहिंता एवं सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। अन्य आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
आखिर कब घटनाओें पर लगेगी लगाम
लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिहार ही नहीं दिल्ली समेत कई अन्य बड़े राज्यों से महिलाओं से हो रही इन वारदातों पर कब लगाम लगेगी। क्या राज्य में मौजूद सरकार और पुलिस प्रशासन कानून को सख्ती से पालन कराने में नाकाम हो रहे हैं। जहां सरकार महिला सुरक्षा को लेकर अपने बेहतरीन कार्यशैली की बानगी करते नहीं थकती।
तो वहीं इस तरह की घटनाएं लगातार पुलिस को सवालिया घेरे में खड़ा किए हुए है। महिलाओं और बच्चियों के साथ हो रही छेड़छाड़ की वारदातों की गूंज राजनीतिक गलियां में भी पहुंच चुकी हैं। इसे लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेरने का काम कर रही है।
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