Vaibhav Sooryavanshi: बिहार के युवा सुपरस्टार वैभव सूर्यवंशी ने महज 15 साल की उम्र में टीम इंडिया की टी20 टीम में अपनी अहम जगह बना ली है। इस विस्फोटक बल्लेबाज ने पहले आईपीएल 2026 में रनों का अंबार लगाकर ऑरेंज कैप हासिल की और इसी प्रदर्शन को मद्देनजर रखते हुए चयनकर्ताओं ने उन्हें टी20आई टीम में शामिल किया।

वैभव उस टीम का हिस्सा थे, जिन्होंने एशियन गेम्स 2026 में पाकिस्तान को हराकर स्वर्ण पदक जीता था। अब इस नन्हें बल्लेबाज की तारीफ भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कर रहे हैं। गुरुवार को नई दिल्ली में देश के एशियन गेम्स 2026 स्टार्स मौजूद थे, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीम को सम्मानित किया। 

वैभव की चेहरे पर आई मुस्कान

सूर्यवंशी टोक्यो में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम का हिस्सा थे। समारोह के दौरान, पीएम मोदी ने एक शानदार भाषण दिया जिसमें यह भी बताया गया कि कैसे 15 साल के बच्चे एशियन गेम्स जैसे बड़े इवेंट्स में देश के लिए मेडल जीत रहे हैं।

इस बात से सूर्यवंशी के चेहरे पर भी मुस्कान आ गई। सम्मान समारोह के दौरान पीएम मोदी क्रिकेटरों, हॉकी टीमों और बॉक्सरों सहित भारतीय एथलीटों की तारीफ करते नहीं थक रहे थे, साथ ही उन्होंने आइची-नागोया एशियन गेम्स में तोड़े गए रिकॉर्ड और हासिल की गई ऐतिहासिक उपलब्धियों की भी तारीफ की।

15-17 के साल खिलाड़ियों ने बनाई पहचान- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में वैभव सूर्यवंशी का नाम नहीं लिया, लेकिन जैसे ही उन्होंने इस बात का जिक्र किया तो कैमरा सीझे भारतीय क्रिकेट के इस होनहार खिलाड़ी पर जा ठहरा। उन्होंने कहा,

"इस बार एशियन गेम्स में टीम इंडिया में कई ऐसे खिलाड़ी थे जिनकी उम्र सिर्फ 15 से 17 साल थी। इतनी कम उम्र में इन खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने देशवासियों का दिल जीता है। इससे पता चलता है कि सफलता के लिए उम्र कोई बंधन नहीं है। खेलों में, कम उम्र में की गई शुरुआत ही एक अतिरिक्त फायदा बन जाती है।"

पीएम मोदी ने जैसे ही यह कहा तो वैभव सूर्यवंशी के चेहरे पर एक अलग मुस्कान देखने को मिली।

खेलों में टैलेंट की पहचान- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि हमारा प्रयास यह है कि खेलों में खिलाड़ियों की प्रतिभा की पहचान काफी कम उम्र में हो जाए। हम खिलाड़ियों की ट्रेनिंग पर खास ध्यान दे रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा,

"इसलिए, हमारी कोशिश है कि खेलों में टैलेंट की पहचान कम उम्र में ही हो जाए। 5 से 15 साल के बच्चों के लिए, हम खास तौर पर खेल टैलेंट की पहचान और उसकी ट्रेनिंग पर ध्यान दे रहे हैं। आने वाले सालों में खेलो इंडिया और इमर्जिंग खेलो इंडिया के जरिए हजारों नए खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के मौके मिलेंगे।"

बता दें कि, भारत ने जो 85 मेडल जीते, उनमें से 38 मेडल महिला एथलीटों ने जीते, और उनमें 11 गोल्ड मेडल शामिल हैं।

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