Gautam Gambhir on Rohit Sharma: भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन वनडे और पांच टी20 मैचों की शुरुआत 27 सितंबर से होगी। यह श्रृंखला भारत में खेली जाएगी, लेकिन इससे पहले भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने अपनी सफलताओं और असफलताओं को लेकर पत्रकारों से वार्ता की।

साथ ही उन्होंने अपने दो साल के लंबे कार्यकाल पर भी विचार किया। उन्होंने कहा कि इस अवधि में उतार-चढ़ाव दोनों आए और इस बात पर जोर दिया कि वह भारतीय टीम का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी के हिस्से के रूप में अपनी उपलब्धियों और असफलताओं दोनों को स्वीकार करते हैं।

मुझे सफलता और असफलता दोनों मिली हैं- गंभीर

वेस्टइंडीज के खिलाफ व्हाइट बॉल सीरीज शुरू होने से पहले भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने जियोस्टार पर बातचीत करते हुए कहा, 

"ये दो साल पलक झपकते ही नहीं गुजर गए। मुझे लगता है कि मैंने अपने जीवन में उतार-चढ़ाव देखे हैं। मुझे सफलता और असफलता दोनों मिली हैं। लेकिन मैं हमेशा से मानता आया हूं कि जब आप इस तरह की जिम्मेदारी लेते हैं, तो उतार-चढ़ाव तो आते ही हैं।''

''चाहे टेस्ट क्रिकेट हो, वनडे क्रिकेट हो या टी20 क्रिकेट, हां, मुझे सफलता मिली है, जिसे मैं हमेशा संजो कर रखूंगा, लेकिन मुझे असफलताएं भी मिली हैं। जिन्हें मैं खुले दिल से स्वीकार करता हूं।"

रोहित को मैं पहले से जानता हूं- गंभीर

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा और हेड कोच गौतम गंभीर के बीच अक्सर मतभेद की खबरें आती रहती हैं। इसपर भी गंभीर ने बेबाक जवाब दिया। उन्होंने कहा, 

"रोहित और मेरा रिश्ता सिर्फ कप्तान और कोच का नहीं था। जब रोहित टीम में आए, तब मैं एक वरिष्ठ खिलाड़ी था, इसलिए रोहित और मेरा रिश्ता तब से है। रोहित मुझे तब से जानते हैं। इसलिए, अक्सर जब आप साथ खेलते हैं, तो चीजें बहुत आसान हो जाती हैं।''

''और वास्तव में, वह मेरी सोच को जानते हैं। मैं उनकी सोच को जानता हूं। क्योंकि कल मेरी सोच अलग हो सकती है, कप्तान की सोच अलग हो सकती है, लेकिन जो टीम के हित में होगा, वहीं वही अंतिम निर्णय रहेगा है।''

मैं भाग्यशाली हूं- गंभीर

मुख्य कोच गौतम गंभीर ने रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव, शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर जैसे चार कप्तानों के साथ काम किया है। इसको लेकर उन्होंने कहा, 

"मैंने चार कप्तानों के साथ काम किया है, रोहित, सूर्या, अब शुभमन और श्रेयस। मैंने जिन भी कप्तानों के साथ काम किया है, उन सबका पहला मकसद हमेशा टीम को सर्वोपरि रखना रहा है। और मैं बहुत भाग्यशाली हूं कि मुझे ऐसे चार लोगों के साथ काम करने का मौका मिला जिन्होंने हमेशा टीम को खुद से ऊपर रखा।’’

 गंभीर ने आगे कहा, ‘’विचारधारा बदल सकती है, आपकी सोच बदल सकती है, खेल को समझने का आपका नजरिया बदल सकता है, लेकिन जब तक आपका इरादा सही है, तब तक किसी भी सहायक स्टाफ के लिए काम बहुत आसान हो जाता है।’’ 

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