Sant Premanand Ashram New Rule: वृंदावन के श्रीराधा केलिकुंज आश्रम में संत प्रेमानंद की ओर से व्यवस्थाओं में लगातार बदलाव किए जा रहे हैं। ड्रेस कोड और दीक्षा से जुड़े निर्देशों के बाद अब आश्रम की सेवा में लगे शिष्यों के लंबे बाल और दाढ़ी बढ़ाने पर रोक लगाई गई है। प्रमुख शिष्यों के साथ बैठक के बाद यह फैसला लिया गया।
यह फैसला संत प्रेमानंद की प्रमुख शिष्यों के साथ हुई बैठक के बाद लिया गया। इससे पहले आश्रम में दीक्षा, उपस्थिति और शिष्यों के पहनावे को लेकर भी नए निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
प्रमुख शिष्यों के साथ बैठक में लिया गया फैसला
गुरुवार को संत प्रेमानंद ने यमुना पार जहांगीरपुर स्थित अपने नए आश्रम में प्रमुख शिष्यों के साथ बैठक की। इसमें आश्रम की व्यवस्था और सेवा से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई।बैठक के बाद तय किया गया कि केलिकुंज में किसी भी सेवा या व्यवस्था में लगे शिष्य लंबे बाल और दाढ़ी नहीं रखेंगे। यानी आश्रम की सेवा से जुड़े शिष्यों के पहनावे के साथ अब उनके बाल और दाढ़ी को लेकर भी नियम तय कर दिया गया है।
किन शिष्यों को पीला-सफेद अचला पहनने की अनुमति?
आश्रम की व्यवस्था के मुताबिक केलिकुंज के शिष्य परिवार या संत प्रेमानंद की निजी सेवा में लगे गृहस्थ शिष्य ही पीला और सफेद अचला पहन सकेंगे।इससे पहले बुधवार को भी शिष्यों के पहनावे को लेकर बदलाव किया गया था। व्यवसाय से जुड़े गृहस्थ शिष्यों और आश्रम या संतों की सेवा से जुड़े लोगों के लिए सामान्य कपड़े या कुर्ता-पायजामा पहनने का निर्देश दिया गया था।वहीं सफेद वस्त्र पहनने की अनुमति संतों और आश्रम से जुड़े विरक्त शिष्यों के लिए रखी गई है।
दीक्षा और आश्रम में उपस्थिति पर भी रोक
पिछले कुछ दिनों में आश्रम की व्यवस्था में यह तीसरा बड़ा बदलाव बताया जा रहा है। मंगलवार को शिष्यों की अंतिम दीक्षा और आश्रम में उनकी उपस्थिति पर अनिश्चितकाल के लिए रोक लगाए जाने की जानकारी सामने आई थी।इसके बाद बुधवार को पहनावे से जुड़े नए निर्देश आए और अब गुरुवार को लंबे बाल और दाढ़ी को लेकर आदेश जारी किया गया है।
शिष्य की मौत के बाद बदली गईं व्यवस्थाएं
आश्रम की व्यवस्थाओं में ये बदलाव 25 सितंबर को हुई एक शिष्य की मौत की घटना के बाद सामने आए हैं। जानकारी के मुताबिक 25 वर्षीय रसिक दुलारी शरण ने वृंदावन में एक अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से छलांग लगाकर जान दे दी थी।घटना से पहले उसने खुद को गंभीर रूप से घायल किया था। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और आत्महत्या के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।घटना के बाद आश्रम की व्यवस्थाओं और शिष्यों से जुड़े नियमों को लेकर भी चर्चा शुरू हुई। इसके बाद संत प्रेमानंद की ओर से कई स्तर पर बदलाव किए गए हैं।
दर्शन और दीक्षा की प्रक्रिया भी होगी व्यवस्थित
आश्रम की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक दीक्षा, आश्रम में उपस्थिति और संत प्रेमानंद के दर्शन से जुड़ी व्यवस्था में भी बदलाव किए गए हैं। आने वाले दिनों में इनका असर दिखाई देने की बात कही गई है।अब संत से दर्शन करने या दीक्षा लेने की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए प्रक्रिया पहले की तुलना में ज्यादा व्यवस्थित किए जाने की तैयारी है। आश्रम की ओर से जारी नए निर्देशों के बाद श्रद्धालुओं और शिष्यों को तय व्यवस्था के अनुसार ही आगे बढ़ना होगा।