आज का पंचाग: आज 27 सितंबर 2026, रविवार को आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। खास बात यह है कि आज से पितृ पक्ष की शुरुआत हो रही है। इस दौरान पितरों के निमित्त श्राद्ध, तर्पण और दान-पुण्य करने की परंपरा है। आज चंद्रमा मीन राशि में रहेगा। आइए जानते हैं आज की तिथि, नक्षत्र, योग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।

आज का पंचांग

पंचांग    समय/विवरण

वार      रविवार

तिथि     कृष्ण पक्ष प्रतिपदा

मास     आश्विन

पक्ष      कृष्ण पक्ष

नक्षत्र     उत्तराभाद्रपद, फिर रेवती

चंद्र       राशि मीन

सूर्योदय  सुबह करीब 6:12 बजे

सूर्यास्त   शाम करीब 6:12 बजे

कृष्ण प्रतिपदा तिथि

आज आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। यह तिथि रात करीब 9 बजे तक रहेगी, इसके बाद कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि शुरू होगी। पितृ पक्ष की शुरुआत भी इसी दिन से हो रही है।

आज का नक्षत्र और योग

आज सुबह करीब 11 बजे तक उत्तराभाद्रपद नक्षत्र रहेगा। इसके बाद रेवती नक्षत्र शुरू होगा। दिन में वृद्धि योग भी रहेगा। पंचांग में तिथि, नक्षत्र और योग को शुभ कार्यों का समय तय करने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

आज का राहुकाल

रविवार को राहुकाल शाम के समय रहता है। आज राहुकाल शाम करीब 4:42 बजे से 6:12 बजे तक माना जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में शुभ कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए।

आज का शुभ मुहूर्त

आज दिन में अभिजीत मुहूर्त और विजय मुहूर्त जैसे शुभ समय रहेंगे। किसी महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत करने से पहले स्थानीय पंचांग के अनुसार मुहूर्त देखना उचित माना जाता है।

आज से पितृ पक्ष की शुरुआत

आज से पितृ पक्ष शुरू हो रहा है। हिंदू धर्म में यह अवधि पूर्वजों के स्मरण और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। पितृ पक्ष के दौरान लोग अपने पितरों के निमित्त श्राद्ध, तर्पण और दान-पुण्य करते हैं।

धार्मिक मान्यता के अनुसार पितृ पक्ष में पितरों का स्मरण कर उनके निमित्त किए गए कर्मों से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस दौरान सात्विक भोजन और संयमित जीवनशैली अपनाने की भी परंपरा है।

आज क्या करें?

पितृ पक्ष के पहले दिन अपनी श्रद्धा के अनुसार पितरों का स्मरण और तर्पण किया जा सकता है। जरूरतमंदों को भोजन कराना, दान करना और सेवा करना भी शुभ माना जाता है। श्राद्ध संबंधी कर्मकांड परिवार की परंपरा और स्थानीय मान्यताओं के अनुसार किए जाते हैं।

नोट: पंचांग के समय स्थान के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकते हैं। यहां दिए गए समय दिल्ली-एनसीआर के अनुसार लगभग हैं।