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हाथी में कैंसर का खतरा इतना कम क्यों? वैज्ञानिकों ने खोजा बड़ा राज
आज के समय में इंसानों में कैंसर की समस्या काफी बढ़ गई है। कम उम्र के लोगों को भी ये बीमारी अपनी चपेट में ले लेती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि धरती पर एक ऐसा जानवर है, जिसे कभी कैंसर नहीं होता है. प्रकृति ने हाथियों को एक अनोखा वरदान दिया है।
आज के दौर में कैंसर दुनिया की सबसे खतरनाक बीमारियों में गिना जाता है। हर साल लाखों लोग इसकी चपेट में आते हैं और कम उम्र में भी इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। लेकिन प्रकृति ने एक ऐसे जीव को बनाया है, जिसे कैंसर होने की संभावना बेहद कम होती है। यह जीव है हाथी। वैज्ञानिकों के अनुसार, इतने विशाल शरीर और करोड़ों कोशिकाओं के बावजूद हाथियों में कैंसर का खतरा इंसानों की तुलना में बहुत कम पाया जाता है। यही बात वर्षों तक शोधकर्ताओं के लिए एक बड़ा रहस्य बनी रही।
अध्ययन में ये बात आई सामने
वैज्ञानिकों ने लंबे अध्ययन के बाद पाया कि इसका सबसे बड़ा कारण हाथियों के शरीर में मौजूद एक विशेष जीन है, जिसे TP53 कहा जाता है। इसे “गार्जियन ऑफ जीनोम” यानी शरीर की आनुवंशिक सुरक्षा करने वाला जीन माना जाता है। इंसानों में इस जीन की केवल दो कॉपी होती हैं, जबकि हाथियों में इसकी 20 से अधिक कॉपी मौजूद रहती हैं। जब शरीर की किसी कोशिका में गड़बड़ी या कैंसर बनने की शुरुआत होती है, तब यह जीन तुरंत सक्रिय होकर उस खराब कोशिका को नष्ट कर देता है। इस वजह से कैंसर फैलने से पहले ही खत्म हो जाता है।
कई ऐसे जैविक बदलाव मौजूद हैं जो है कैंसर से है बचता
साल 2015 में एक University के वैज्ञानिकों ने विभिन्न जानवरों के जीनोम का अध्ययन किया। शोध में पता चला कि हाथियों में सिर्फ TP53 ही नहीं, बल्कि कई ऐसे जैविक बदलाव मौजूद हैं जो उन्हें कैंसर से बचाने में मदद करते हैं। यह अध्ययन मेडिकल जर्नल JAMA में प्रकाशित हुआ था और इसके बाद दुनियाभर में इस खोज की चर्चा होने लगी।
वैज्ञानिकों ने कही ये बात
यह खोज चिकित्सा विज्ञान के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि हाथियों के इस कैंसर-रोधी तंत्र को अच्छी तरह समझ लिया जाए, तो भविष्य में इंसानों के लिए अधिक प्रभावी कैंसर उपचार विकसित किए जा सकते हैं। कई रिसर्च संस्थान इस दिशा में लगातार काम कर रहे हैं।
हाथियों की इम्यून सिस्टम होती है काफी मजबूत
हाथियों की खासियत केवल कैंसर प्रतिरोध तक सीमित नहीं है। उनका इम्यून सिस्टम भी काफी मजबूत माना जाता है, जिसके कारण वे कई गंभीर बीमारियों से आसानी से प्रभावित नहीं होते। आमतौर पर हाथी 60 से 70 वर्ष तक जीवित रहते हैं, जो इतने बड़े जीव के हिसाब से लंबी उम्र मानी जाती है।
भारत में है हाथियों का धार्मिक महत्व
भारत में हाथियों का धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय महत्व भी बहुत बड़ा है। हालांकि जंगलों की कटाई, अवैध शिकार और मानव-हाथी संघर्ष के कारण उनकी संख्या लगातार घट रही है। वैज्ञानिकों का कहना है कि हाथियों का संरक्षण केवल वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि भविष्य की चिकित्सा खोजों के लिए भी बेहद जरूरी है।
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