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जन्म से ही गर्भवती होता है ये जीव! प्रकृति ने बनाया पौधों का दुश्मन
प्रकृति की दुनिया में ऐसे कई रहस्य छिपे हैं जो हमारी सामान्य समझ को चुनौती देते हैं। इन्हीं में से एक है बेहद छोटा लेकिन आश्चर्यजनक कीट एफिड यह कीड़ा न सिर्फ पौधों का बड़ा दुश्मन माना जाता है।
प्रकृति की दुनिया में ऐसे कई रहस्य छिपे हैं जो हमारी सामान्य समझ को चुनौती देते हैं। इन्हीं में से एक है बेहद छोटा लेकिन आश्चर्यजनक कीट एफिड यह कीड़ा न सिर्फ पौधों का बड़ा दुश्मन माना जाता है। बल्कि अपनी अनोखी प्रजनन क्षमता के कारण वैज्ञानिकों के लिए भी लंबे समय से अध्ययन का विषय रहा है। इसकी सबसे चौंकाने वाली खासियत यह है कि यह जन्म से ही गर्भवती होता है।
एफिड के शरीर में पहले से ही कई पीढ़ियां विकसित होती है
आमतौर पर जीव-जंतुओं में मादा को गर्भधारण के लिए नर के साथ निषेचन की आवश्यकता होती है, लेकिन एफिड इस नियम को तोड़ देता है। इसमें टेलिस्कोपिंग जेनरेशन नाम की प्रक्रिया पाई जाती है। इस प्रक्रिया के तहत एक मादा एफिड के शरीर में एक साथ कई पीढ़ियां विकसित हो रही होती हैं। जब एक मादा एफिड जन्म लेती है, तब उसके भीतर पहले से ही उसके बच्चे मौजूद होते हैं। उन बच्चों के अंदर भी अगली पीढ़ी के विकास की प्रक्रिया शुरू हो चुकी होती है। यानी एक ही शरीर में तीन पीढ़ियों का एक साथ होना, प्रकृति की अद्भुत संरचना को दर्शाता है।
एफिड्स आकार में छोटे होते हैं
एफिड्स आकार में बेहद छोटे होते हैं, आमतौर पर इनकी लंबाई 1 से 2 मिलीमीटर के बीच होती है। इनका शरीर नरम होता है और ये मुख्य रूप से पौधों का रस चूसकर जीवित रहते हैं। यही कारण है कि इन्हें कृषि के लिए खतरनाक कीट माना जाता है। ये फसलों, बगीचों और पेड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ता है।
पार्थेनोजेनेसिस क्या होता है?
इनकी प्रजनन प्रक्रिया को पार्थेनोजेनेसिस कहा जाता है, जिसमें मादा बिना निषेचन के ही सीधे जीवित बच्चों को जन्म देती है। इस प्रक्रिया के कारण इनकी संख्या बेहद तेजी से बढ़ती है। एक मादा एफिड अपने जीवनकाल में लगभग 50 से 100 बच्चों को जन्म दे सकती है। लेकिन टेलिस्कोपिंग जेनरेशन के चलते यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है। अनुकूल परिस्थितियों जैसे पर्याप्त भोजन और सही तापमान में सिर्फ 30 दिनों के भीतर एक अकेली एफिड से लाखों की संख्या में नई एफिड्स पैदा हो सकती हैं।
एफिड्स की आबादी मादाओं पर निर्भर
दिलचस्प बात यह है कि साल के अधिकांश समय में एफिड्स की आबादी पूरी तरह मादाओं पर निर्भर रहती है। नर एफिड्स बहुत कम देखने को मिलते हैं और आमतौर पर ठंड के मौसम में ही पैदा होते हैं। उस समय मादाएं अंडे देती हैं, जो सर्दियों में सुरक्षित रहते हैं और अगले मौसम में नई पीढ़ी को जन्म देते हैं।
Written By: Geeta Sharma
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