नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से आयोजित यूजीसी नेट जून 2026 परीक्षा में शामिल हुए लाखों अभ्यर्थी अब प्रोविजनल आंसर-की का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। परीक्षा समाप्त हुए एक महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक एनटीए ने आंसर-की जारी करने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। इसके चलते उम्मीदवारों में संभावित स्कोर, रिजल्ट और पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है। हालांकि, विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि परिणाम और आंसर-की जल्द जारी की जा सकती है।
इस वर्ष यूजीसी नेट जून सत्र की परीक्षा 22, 23, 24, 25, 29 और 30 जून को कंप्यूटर आधारित मोड (CBT) में आयोजित की गई थी। कुछ केंद्रों पर तकनीकी या अन्य कारणों से प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए 5 जुलाई को दोबारा परीक्षा कराई गई। कुल 87 विषयों की इस परीक्षा के माध्यम से जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF), असिस्टेंट प्रोफेसर बनने की पात्रता और देशभर के विश्वविद्यालयों में पीएचडी प्रवेश के लिए उम्मीदवारों का चयन किया जाता है।
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एनटीए जब प्रोविजनल आंसर-की जारी करेगा, तब उम्मीदवारों को अपनी रिस्पांस शीट और प्रश्न पत्र भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे अभ्यर्थी अपने उत्तरों का मिलान कर संभावित अंक का अनुमान लगा सकेंगे। यदि किसी प्रश्न या उत्तर पर आपत्ति होती है तो निर्धारित समय के भीतर ऑनलाइन चुनौती दर्ज कराई जा सकेगी। प्रत्येक प्रश्न पर आपत्ति दर्ज करने के लिए 200 रुपये का गैर-वापसी योग्य शुल्क देना होगा। साथ ही दावे के समर्थन में उचित प्रमाण और तर्क प्रस्तुत करना अनिवार्य रहेगा। विषय विशेषज्ञ सभी आपत्तियों की समीक्षा करेंगे, जिसके बाद अंतिम आंसर-की जारी होगी और उसी के आधार पर यूजीसी नेट जून 2026 का परिणाम तैयार किया जाएगा।
रिजल्ट और आंसर-की में हो रही देरी को लेकर अभ्यर्थियों की नाराजगी भी सामने आने लगी है। कई उम्मीदवार सोशल मीडिया पर लगातार एनटीए से जल्द अपडेट जारी करने की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि देश की कई यूनिवर्सिटीज़ ने पीएचडी प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन यूजीसी नेट का परिणाम लंबित होने के कारण उन्हें आवेदन करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। छात्र संगठनों ने भी एनटीए से आंसर-की और रिजल्ट जारी करने की निश्चित समय-सीमा घोषित करने की मांग की है।
आंसर-की जारी होने में देरी की संभावित वजह परीक्षा का बड़ा दायरा माना जा रहा है। इस बार 87 विषयों की परीक्षा आयोजित होने से मूल्यांकन और सत्यापन की प्रक्रिया काफी विस्तृत है। इसके अलावा हाल के महीनों में आयोजित अन्य राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं और उनसे जुड़े प्रशासनिक कार्यों का असर भी यूजीसी नेट की प्रक्रिया पर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, एनटीए ने अभी तक आंसर-की या रिजल्ट जारी करने की किसी आधिकारिक तारीख की पुष्टि नहीं की है।
Written by Rozi Sinha