आज 29 जुलाई 2026, बुधवार के दिन आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इस अवसर पर आषाढ़ पूर्णिमा का व्रत, पवित्र स्नान-दान, गुरु पूर्णिमा, व्यास जयंती, बुधवार व्रत तथा भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा का दुर्लभ संयोग बन रहा है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन किए गए स्नान, दान और पूजा-पाठ से पुण्य की प्राप्ति होती है तथा जीवन की अनेक बाधाएं दूर होती हैं।
5:41 बजे से 7:14 बजे तक रहेगा भद्रा
आज पूर्णिमा तिथि के साथ उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, प्रीति योग और विष्टि करण का प्रभाव रहेगा। चंद्रमा पूरे दिन मकर राशि में संचरण करेंगे। सुबह 5:41 बजे से 7:14 बजे तक भद्रा रहेगी, जिसका वास पाताल लोक में माना गया है।
आज के दिन करें दान
आषाढ़ पूर्णिमा के दिन प्रातःकाल पवित्र नदी या घर में गंगाजल मिलाकर स्नान करना शुभ माना जाता है। स्नान के बाद अपनी श्रद्धा के अनुसार अन्न, वस्त्र, धन या अन्य आवश्यक वस्तुओं का दान करें। इसके उपरांत भगवान सत्यनारायण की विधि-विधान से पूजा कर कथा का श्रवण करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। शाम के समय माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की संयुक्त पूजा करने का विशेष महत्व है। इसके बाद चंद्रमा को अर्घ्य अर्पित करने से सुख, समृद्धि और धन-वैभव में वृद्धि होने की मान्यता है।
क्यों मनाया जाता है गुरु पूर्णिमा
धार्मिक परंपरा के अनुसार आज के दिन महर्षि वेदव्यास का प्राकट्य हुआ था, इसलिए इसे व्यास जयंती और गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर अपने गुरु, शिक्षकों और मार्गदर्शकों का सम्मान कर उनका आशीर्वाद लेना शुभ माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गुरु पूर्णिमा पर गुरु ग्रह से जुड़े दोषों की शांति के उपाय भी विशेष फल प्रदान करते हैं।
आज का पंचांग (29 जुलाई 2026)
तिथि: पूर्णिमा रात्रि 8:05 बजे तक, इसके बाद प्रतिपदा।
नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा दोपहर 3:37 बजे तक, फिर श्रवण।
करण: विष्टि सुबह 7:14 बजे तक, इसके बाद बव रात्रि 8:05 बजे तक, फिर बालव।
योग: प्रीति रात्रि 11:58 बजे तक, इसके बाद आयुष्मान।
पक्ष: शुक्ल पक्ष।
वार: बुधवार।
चंद्र राशि: मकर।
सूर्योदय और चंद्रोदय
सूर्योदय: सुबह 5:41 बजे।
सूर्यास्त: शाम 7:14 बजे।
चंद्रोदय: शाम 7:21 बजे।
चंद्रास्त: आज नहीं होगा।
आज के प्रमुख शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:17 बजे से 4:59 बजे तक।
अमृत काल: सुबह 8:34 बजे से 10:20 बजे तक।
विजय मुहूर्त: दोपहर 2:43 बजे से 3:37 बजे तक।
निशिता मुहूर्त: रात्रि 12:07 बजे से 12:49 बजे (30 जुलाई) तक।
दिन के शुभ चौघड़िया
लाभ: सुबह 5:41 से 7:22 बजे तक।
अमृत: सुबह 7:22 से 9:04 बजे तक।
शुभ: सुबह 10:46 से दोपहर 12:27 बजे तक।
चर: दोपहर 3:51 से शाम 5:32 बजे तक।
लाभ: शाम 5:32 से 7:14 बजे तक।
रात्रि के शुभ चौघड़िया
शुभ: रात 8:33 से 9:51 बजे तक।
अमृत: रात 9:51 से 11:09 बजे तक।
चर: रात 11:09 से 12:28 बजे (30 जुलाई) तक।
लाभ: प्रातः 3:04 से 4:23 बजे (30 जुलाई) तक।
आज के अशुभ समय
यमगण्ड: सुबह 7:22 से 9:04 बजे तक।
गुलिक काल: सुबह 10:46 से दोपहर 12:27 बजे तक।
राहुकाल: दोपहर 12:27 से 2:09 बजे तक।
दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:00 से 12:55 बजे तक।
भद्रा: सुबह 5:41 से 7:14 बजे तक।
भद्रा का वास: पाताल लोक।
दिशाशूल: उत्तर दिशा।
शिववास: रात्रि 8:05 बजे तक श्मशान में, इसके बाद गौरी के साथ।
डिसक्लेमर- यह लेख पूरी तरह से ज्योतिषीय गणनाओं और मान्यताओं पर आधारित है। TNP News इसकी सत्यता या इससे होने वाले किसी भी लाभ-हानि की पुष्टि नहीं करता है।
Written By Toshi Shah