देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही है। मौसम विभाग (IMD) ने 28 सितंबर को देश के करीब 18 राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया है। कुछ इलाकों में हवाओं की रफ्तार करीब 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के चलते भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका भी जताई गई है।

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर, शिमला और सिरमौर तथा उत्तराखंड के उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी गढ़वाल, चमोली और रुद्रप्रयाग में कुछ स्थानों पर फ्लैश फ्लड का जोखिम बताया गया है। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने वाले लोगों को मौसम और स्थानीय प्रशासन की सलाह पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

बंगाल की खाड़ी में बन रहा मौसम का नया सिस्टम

मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिणी म्यांमार के तटीय क्षेत्र के पास 27 सितंबर को एक नया निम्न दबाव क्षेत्र विकसित हुआ है। इसके अगले 24 घंटे में उत्तरी अंडमान सागर और म्यांमार के इरावदी डेल्टा की तरफ बढ़ने की संभावना है।

इसके बाद यह सिस्टम म्यांमार और बांग्लादेश के तटीय इलाकों के समानांतर उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकता है और पूर्वोत्तर बंगाल की खाड़ी की ओर पहुंच सकता है। इसके प्रभाव से पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।

IMD के अनुसार, 28 सितंबर को उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, सिक्किम, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, गुजरात और महाराष्ट्र समेत दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश की संभावना है।

दिल्ली का मौसम कैसा रहेगा?

राष्ट्रीय राजधानी में 28 सितंबर को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है। दिन का अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।

29 सितंबर को दिल्ली में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने का अनुमान है। इस दौरान तापमान में मामूली बढ़ोतरी हो सकती है। दोपहर के वक्त उत्तर-पश्चिम दिशा से चलने वाली हवाओं की रफ्तार करीब 18 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

उत्तर प्रदेश में बारिश से मिलेगी राहत

उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से कई इलाकों में तेज बारिश देखने को मिली है। इससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। बारिश से जुड़ी घटनाओं में प्रदेश में 50 से अधिक लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है।

अब मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार राज्य में बारिश की तीव्रता में कमी आने की संभावना है। फिलहाल किसी इलाके के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। मध्य उत्तर प्रदेश के उत्तरी हिस्से में बना दबाव क्षेत्र अब कमजोर पड़ते हुए आगे बढ़ रहा है।

इससे पहले 27 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बहुत भारी बारिश दर्ज की गई थी।

बिहार में आंधी और बारिश का दौर

बिहार में 28 सितंबर से 1 अक्टूबर तक मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। IMD ने इस अवधि के दौरान कई हिस्सों में आंधी और बारिश की संभावना जताई है। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

हालांकि, बिहार के लिए आज या आने वाले दिनों में अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

उत्तराखंड में भारी बारिश और फ्लैश फ्लड का खतरा

उत्तराखंड में 28 सितंबर को मौसम खराब रहने की संभावना है। IMD ने राज्य के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका भी है।

अगले 24 घंटों के दौरान उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी गढ़वाल, चमोली और रुद्रप्रयाग के कुछ क्षेत्रों में कम से मध्यम स्तर की अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड का खतरा बताया गया है। पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को इस दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है।

झारखंड में 3 अक्टूबर तक बारिश की संभावना

झारखंड में भी मौसम का मिजाज अगले कुछ दिनों तक बदला रह सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक 28 सितंबर से 3 अक्टूबर के बीच राज्य के अलग-अलग हिस्सों में आंधी और बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। इस दौरान कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की आशंका भी है। हालांकि, फिलहाल राज्य में भारी बारिश को लेकर कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

मध्य प्रदेश में कई दिनों तक बारिश का दौर

मध्य प्रदेश में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। IMD के अनुसार पश्चिमी मध्य प्रदेश में 28 से 30 सितंबर तक बारिश हो सकती है, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश में 28 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच बारिश की गतिविधियां बनी रहने का अनुमान है।

इस दौरान कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी जाती है।

 

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