कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता कमजोर की जा रही है और चुनाव आयोग को स्वतंत्र रूप से काम नहीं करने दिया जा रहा। खरगे ने देश में ‘अघोषित इमरजेंसी’ जैसे हालात होने का दावा भी किया।

खरगे ने बताया कि वह और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सोमवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने अदालत से मिलने का समय मांगा है, ताकि देश में लोकतंत्र की मौजूदा स्थिति से जुड़ी चिंताओं को उनके सामने रखा जा सके।

सोमवार को CJI सूर्यकांत से मिलेंगे खरगे और राहुल गांधी

कर्नाटक के बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि उन्होंने और राहुल गांधी ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर मुलाकात का समय मांगा है। उनके मुताबिक, सोमवार शाम 4 बजे से 5 बजे के बीच मिलने का अनुरोध किया गया है। खरगे ने कहा कि वे मुख्य न्यायाधीश से किसी तरह की मांग करने नहीं जा रहे, बल्कि अपनी चिंताएं उनके सामने रखेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों नेता देश में लोकतंत्र से जुड़े हालात के बारे में उन्हें जानकारी देना चाहते हैं। यह मुलाकात ऐसे समय प्रस्तावित है, जब चुनाव आयोग की भूमिका और चुनावी प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस तथा केंद्र सरकार के बीच राजनीतिक टकराव तेज है।

चुनाव आयोग की स्वतंत्रता पर उठाए सवाल, CEC ज्ञानेश कुमार को घेरा

कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाया कि वह चुनाव आयोग के दूसरे सदस्यों को स्वतंत्र रूप से फैसले लेने का अवसर नहीं दे रहे हैं। खरगे का दावा है कि आयोग के कामकाज और कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठे हैं, लेकिन उन पर कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की स्वतंत्रता प्रभावित होने से चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं। खरगे ने ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाते हुए दावा किया कि चुनावी अनियमितताओं से सत्तारूढ़ दल को फायदा पहुंचा है।

2023 के कानून और चुनाव आयुक्तों को मिली सुरक्षा पर भी सवाल

खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति तथा सेवा शर्तों से जुड़े 2023 के कानून पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कानून के जरिए चुनाव आयुक्तों को ऐसी सुरक्षा दी गई है, जिससे उनकी जवाबदेही प्रभावित हो सकती है। कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और EVM से जुड़े सवालों पर सरकार तथा चुनाव आयोग की भूमिका की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इन मुद्दों पर अपनी लड़ाई जारी रखेगी।

दिल्ली में पुलिस तैनाती पर भी केंद्र सरकार को घेरा

खरगे ने दिल्ली में शनिवार को हुए CJP के प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और बड़े पैमाने पर हिरासत की कार्रवाई का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि राजधानी में करीब 32 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे और इसे सरकार के डर का संकेत बताया। 10 अक्टूबर को दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ था। इस दौरान पुलिस की भारी तैनाती, बैरिकेडिंग और मेट्रो के 45 स्टेशनों के गेट बंद किए जाने की खबरें सामने आई थीं। पुलिस ने प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम में कई लोगों को हिरासत में भी लिया था।