नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच पुलिस कार्रवाई पर विवाद बढ़ गया है। वामपंथी दलों ने दिल्ली पुलिस पर प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है। CPI(M) के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास को हिरासत में लिए जाने के बाद अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और वामपंथी नेताओं ने भी पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की है।

हिरासत के बाद अस्पताल पहुंचे सांसद

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रविवार को दिल्ली के कनॉट प्लेस इलाके में प्रदर्शनकारी छात्रों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी मिलने पर सांसद जॉन ब्रिटास वहां पहुंचे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया।

ब्रिटास ने आरोप लगाया कि पुलिस बस के अंदर सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें सीट पर दबाकर रखा, जिससे उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी। उन्होंने बताया कि सांसद होने की जानकारी देने के बावजूद उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया। बाद में पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद उन्हें छोड़ा गया।

CPI(M) की ओर से साझा किए गए वीडियो में ब्रिटास को परेशानी की स्थिति में पुलिस वाहन से बाहर आते और सहारे से चलते देखा गया। इसके बाद उन्हें दिल्ली के राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मेडिकल जांच की गई।

वामपंथी नेताओं ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

CPI(M) के महासचिव एमए बेबी ने आरोप लगाया कि दिल्ली में छात्र और युवा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने के दौरान उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने दावा किया कि पुलिस वाहनों के भीतर प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार हुआ और महिला प्रदर्शनकारियों को भी निशाना बनाया गया।

बेबी ने दिल्ली की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पुलिस ने राजधानी को ‘वॉर जोन’ बना दिया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से चुनावी प्रक्रिया को लेकर जवाबदेही की मांग कर रहे लोगों का आंदोलन नहीं रुकेगा।

केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने भी पुलिस कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए जरूरत से ज्यादा बल का इस्तेमाल कर रही है। हालांकि, प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट के इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं हुई है।

CEC के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन

दिल्ली में प्रदर्शन का आयोजन कॉकroach जनता पार्टी (CJP) के आह्वान पर किया गया था। इसमें वामपंथी छात्र संगठनों, जिनमें स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) शामिल हैं, ने भी हिस्सा लिया।

प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सवाल उठा रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। रविवार को प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई स्थानों पर लोगों को हिरासत में लिया।

यह विवाद ऐसे समय बढ़ा है, जब चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। दूसरी ओर, प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई और हिरासत में लिए गए लोगों के साथ व्यवहार को लेकर भी राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

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