नई दिल्ली: त्योहारी सीजन में घर के लिए नया AC, TV या फ्रिज खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो बजट बढ़ सकता है। 1 अक्टूबर से कई कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और होम अप्लायंस कंपनियां कीमतों में बढ़ोतरी करने की तैयारी में हैं। AC के दाम करीब 5 से 8 फीसदी तक बढ़ सकते हैं, जबकि TV, फ्रिज और वॉशिंग मशीन जैसी कैटेगरी में भी कीमतें बढ़ने की संभावना है।
1 अक्टूबर से क्यों बढ़ सकते हैं दाम?
त्योहारी सीजन शुरू होने से ठीक पहले कंपनियां प्रोडक्ट्स की कीमतों में बदलाव करने जा रही हैं। इंडस्ट्री से सामने आई जानकारी के मुताबिक, कंपनियों पर बढ़ती कॉपर, स्टील, एल्युमिनियम, क्रूड और लॉजिस्टिक्स की लागत का दबाव है। इसी बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डालने की तैयारी है।
AC खरीदने वालों को सबसे ज्यादा झटका
एयर कंडीशनर की कीमतों में करीब 5 से 8 फीसदी तक बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है। कुछ प्रमुख कंपनियों ने अक्टूबर से AC की कीमत बढ़ाने की जानकारी दी है।
मान लीजिए किसी AC की कीमत अभी 40,000 रुपये है। 5 फीसदी बढ़ोतरी होने पर इसकी कीमत करीब 2,000 रुपये बढ़ सकती है। अगर बढ़ोतरी 8 फीसदी हुई तो अंतर करीब 3,200 रुपये तक पहुंच सकता है। हालांकि वास्तविक कीमत ब्रांड और मॉडल के हिसाब से अलग होगी।
TV और फ्रिज भी होंगे महंगे?
AC के साथ-साथ LED TV, रेफ्रिजरेटर और वॉशिंग मशीन की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ कंपनियां इन प्रोडक्ट्स की कीमतों में करीब 3-4 फीसदी तक बढ़ोतरी की तैयारी में हैं।
हालांकि हर कंपनी और हर मॉडल की कीमत एक जैसी नहीं बढ़ेगी। कुछ कंपनियां कीमतों में पूरा इजाफा करने के बजाय उसका एक हिस्सा ग्राहकों पर डाल सकती हैं।
कंपनियां क्यों बढ़ा रही हैं कीमत?
इलेक्ट्रॉनिक्स और अप्लायंस बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की लागत बढ़ने से कंपनियों का उत्पादन खर्च बढ़ा है। खासकर AC के लिए कॉपर एक महत्वपूर्ण मेटल है। इसके अलावा स्टील, एल्युमिनियम, प्लास्टिक से जुड़े इनपुट और सामान की ढुलाई का खर्च भी कीमतों पर असर डालता है।
कंपनियां लंबे समय से बढ़ती लागत के बीच मार्जिन और कीमतों को संतुलित करने की कोशिश कर रही हैं। अब त्योहारी सीजन से पहले कीमतों में संशोधन किया जा रहा है।
क्या 1 अक्टूबर से हर दुकान पर महंगा मिलेगा सामान?
जरूरी नहीं। 1 अक्टूबर से कंपनियों की नई कीमतें लागू होने के बावजूद बाजार में पहले से मौजूद पुराना स्टॉक पुराने दाम पर मिल सकता है। डीलरों के पास मौजूद स्टॉक खत्म होने के बाद नई कीमतों का असर ज्यादा साफ दिखाई दे सकता है।
इसके अलावा दिवाली और नवरात्रि के दौरान कंपनियां ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए बैंक ऑफर, एक्सचेंज बोनस और अन्य डिस्काउंट भी देती हैं। इसलिए बढ़ी हुई MRP के बावजूद अंतिम खरीद कीमत अलग हो सकती है।
अगर खरीदना है तो क्या करें?
अगर आप अगले कुछ हफ्तों में AC, TV या फ्रिज खरीदने वाले हैं, तो 1 अक्टूबर से पहले और बाद की कीमतों की तुलना जरूर करें। सिर्फ MRP देखने के बजाय एक्सचेंज, बैंक डिस्काउंट और फेस्टिव ऑफर को भी जोड़कर अंतिम कीमत देखें।
यानी त्योहारी खरीदारी से पहले थोड़ा इंतजार करने या तुरंत खरीदने का फैसला करने से पहले अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर मिलने वाली वास्तविक कीमत देखना जरूरी होगा।
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