नई दिल्ली: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने INDIA ब्लॉक के नेताओं की उस मांग को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने चुनावी गड़बड़ियों के आरोपों पर अपनी बात रखने के लिए बैठक करने का अनुरोध किया था। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत  ने कहा कि चूंकि यह मामला पहले से ही अदालत में विचाराधीन है, इसलिए उन्हें याचिका दायर करके अदालत का रुख करना चाहिए।

CJI ने कहा- मामला पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन

इस मामले को लेकर CJI ने कहा कि विपक्ष जिन मुद्दों को उठाना चाहता है, वे पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं। ऐसे में इस मुद्दे पर नेताओं से मुलाकात करना उचित नहीं होगा। संवैधानिक व्यवस्था के तहत सुप्रीम कोर्ट प्रशासनिक तौर पर सरकार के कामकाज में दखल नहीं दे सकता। अगर वे अपने मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए अदालत जाना चाहते हैं, तो वे अदालत में कानूनी तरीके से आ सकते हैं।

CJI ने विपक्ष के अनुरोध को किया अस्वीकार

दरअसल, राहुल गांधी ने घोषणा की है कि विपक्षी नेता सोमवार, 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालेंगे। इस दौरान विपक्षी नेता देश की से CJI को एक ज्ञापन सौंपने वाले थे। इस ज्ञापन में 'वोट चोरी' को रोकने, SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को रोकने और मुख्य निर्वाचन आयुक ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जानी थी। जिसके बाद CJI जस्टिस सूर्यकांत ने विपक्षी नेताओं की मुलाकात और ज्ञापन सौंपने के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया है।

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