नई दिल्ली: दिल्ली में CJP के प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) में कथित गड़बड़ियों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ अपना विरोध जारी रखने का संकल्प लिया है। यह फ़ैसला दिल्ली में हज़ारों लोगों को हिरासत में लिए जाने के एक दिन बाद लिया गया है, जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुँचने से रोक दिया था।
AISA की नेहा बोरा को पुलिस ने हिरासत में लिया
वहीं, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की नेहा बोरा को दिल्ली के कनॉट प्लेस इलाके में हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई है। जबकि कनॉट प्लेस में 'एक्सप्रेस हिंदी' के तीन पत्रकारों को हिरासत में लिया गया है और दिल्ली पुलिस ने उनके फ़ोन छीन लिए हैं। प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम के बीच दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन, पुलिस की कार्रवाई और आंदोलनकारियों की आगे की रणनीति चर्चा का विषय बने हुए हैं। CJP ने अपना आंदोलन जारी रखने का संकल्प जताया है।
CJP ने PM के "युद्ध जैसी" स्थिति की आलोचना की
रविवार को CJP कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा व्यवस्था की आलोचना करते हुए केंद्र पर अपना हमला बोला और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को "युद्ध जैसी" स्थिति में बदलने की अनुमति देने के लिए "शर्मिंदा होनी चाहिए"। विरोध प्रदर्शनों के बीच सुप्रीम कोर्ट ने रविवार को केंद्र को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि दिल्ली मेट्रो सेवाएं अपने सामान्य समय पर संचालित हों और इंटरनेट सेवाएं निर्बाध रहें।